बक्सर : इतिहास को नये तरीके से देखने की जरूरत: देवेंद्र
Author Prabhat khabar digital desk
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रंगश्री के तत्वावधान में गंगा तट पर हुआ इतिहास सम्मेलन बक्सर : इतिहासकार देवेंद्र चौबे ने कहा कि इतिहास को नये सिरे से देखने की जरूरत है. अब तक जो इतिहास लिखा गया है, वह पढ़े-लिखे विद्वानों ने लिखा है. हमारी कोशिश है कि जनता के मन में जो जन समाज का इतिहास है, उसको […]
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रंगश्री के तत्वावधान में गंगा तट पर हुआ इतिहास सम्मेलन
बक्सर : इतिहासकार देवेंद्र चौबे ने कहा कि इतिहास को नये सिरे से देखने की जरूरत है. अब तक जो इतिहास लिखा गया है, वह पढ़े-लिखे विद्वानों ने लिखा है.
हमारी कोशिश है कि जनता के मन में जो जन समाज का इतिहास है, उसको सामने लाया जाये. उन आंदोलनों और संघर्षों को जनता के नजरिये से देखा जाये, जिसे अब तक मुख्यधारा के इतिहासकार अपनी निगाह से देखते रहे हैं. वे गुरुवार को अहिरौली के गंगा तट पर रंगश्री इतिहास ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित सातवां सर्जनात्मक इतिहास सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे थे.
सम्मेलन की अध्यक्षता साहित्यकार कुमार नयन ने की़ उन्हाेंने ‘मेरा गांव, मेरा इतिहास’ विषय पर अपने विचार रखे़ नयन ने कहा कि हर गांव अपनी सभ्यता और संस्कृति है. उसका इतिहास जो प्राकृतिक और वैज्ञानिक तरीके से सभ्यता की गति के साथ विकसित हुई है. ऐसे गांवों के इतिहास को जानने की जरूरत है. मौके पर ‘इतिहास समाचार’ बुकलेट का लोकार्पण किया गया.
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