गैस सिलिंडर हादसे में मिलेगा मुआवजा

Updated at : 21 Nov 2017 4:33 AM (IST)
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गैस सिलिंडर हादसे में मिलेगा मुआवजा

रसोई गैस लेने के साथ ही कनेक्शनधारी का हो जाता है बीमा प्रचार-प्रसार की कमी के कारण कई लोग हुए इस योजना से वंचित बक्सर : अगर आपके पास रसोई गैस का कनेक्शन है तो आप बीमित हैं. गैस सिलिंडर से दुर्घटना होने पर 10 लाख से 50 लाख तक क्लेम मिल सकता है. आम […]

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रसोई गैस लेने के साथ ही कनेक्शनधारी का हो जाता है बीमा

प्रचार-प्रसार की कमी के कारण कई लोग हुए इस योजना से वंचित
बक्सर : अगर आपके पास रसोई गैस का कनेक्शन है तो आप बीमित हैं. गैस सिलिंडर से दुर्घटना होने पर 10 लाख से 50 लाख तक क्लेम मिल सकता है. आम तौर पर उपभोक्ताओं को इस बात की जानकारी नहीं होने के कारण इसके लाभ से वंचित रह जाते हैं. कनेक्शन लेते समय वितरक भी उपभोक्ताओं को इस बात की जानकारी नहीं देते हैं. कनेक्शन फॉर्म पर लिखी हिदायत और बीमा संबंधी जानकारी को उपभोक्ता आम तौर पर नहीं पढ़ते हैं, जिसके कारण उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाती है. उपभोक्ताओं के हितों के प्रति एजेंसी संचालक संजीदा नहीं हैं, जिससे हादसा होने के बाद भी उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिल पाता है.
कनेक्शन लेने के साथ ही होता है बीमा
रसोई गैस का कनेक्शन लेने के साथ ही उपभोक्ताओं का बीमा हो जाता है. इसके लिए कुछ शर्त हैं, जिन्हें उपभोक्ताओं को पूरी करनी होती है. बीमा प्रावधान के मुताबिक दुर्घटना में घायल व्यक्ति के इलाज का सारा खर्च कंपनी को उठाना पड़ता है. जिले में एक लाख 40 हजार गैस उपभोक्ता हैं, जो वर्तमान में गैस सिलिंडर का उपयोग कर रहे हैं.
क्लेम का है प्रावधान : बीमा का लाभ देने के संबंध में ओएनजीसी ने कुछ शर्तें रखी हैं. इसके तहत हादसे के बारे में गैस कनेक्शन से संबंधित कुछ बातों पर ध्यान दिया जाता है. गैस कनेक्शन में इस्तेमाल होनेवाला पाइप, रेगुलेटर समेत सभी उपकरण भारतीय मानक ब्यूरो से मान्य होने चाहिए. इसके बाद ही उपभोक्ता बीमा के लिए क्लेम कर सकता है.
कंपनी की पब्लिक लायबिलिटी : पब्लिक लायबिलिटी के तहत उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन पर मुफ्त बीमा का लाभ दिया जाता है. कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों को हादसा बीमा के बारे में जागरूक करें.
इन बातों का रखें ध्यान
बिना किसी औपचारिकता के सभी गैस सिलिंडर स्वत: बीमाकृत होते हैं.
सभी गैस एजेंसियों के लिए अपने कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से एलपीजी गैस सिलिंडर इंश्योरेंस और उसके लाभ की जानकारी देना अनिवार्य है.
उपभोक्ता इंश्योरेंस और इसके लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी गैस एजेंसी से संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं.
गैस सिलिंडर के साथ प्रयोग में आनेवाले अन्य उपकरणों को गैस एजेंसी के माध्यम से प्राप्त करना सुरक्षित और लाभकारी होता है.
गैस सिलिंडरों का उपयोग तय मानकों और निर्देशों के आधार पर किया जाना चाहिए. अगर हादसा किसी गैरकानूनी उपयोग के दौरान होता है तो पीड़ित इंश्योरेंस राशि का हकदार नहीं माना जायेगा.
150 रुपये गैस चूल्हे और सिलिंडर की जांच शुल्क
दो वर्ष के अंतराल में जांच जरूरी
23 बिंदुओं पर होती है जांच
10 लाख रुपये उपभोक्ता का बीमा
50 लाख रुपये अधिकतम बीमा राशि
क्या करें
एलपीजी गैस सिलिंडर विस्फोट की घटना के बारे में सबसे पहले पुलिस को सूचित करें.
एलपीजी गैस सिलिंडर विस्फोट की घटना के बारे में गैस एजेंसी को सूचित करें
इसके बाद घटनास्थल और हादसे की जांच की जाती है.
जांच रिपोर्ट के आधार पर उपभोक्ता क्लेम राशि के लिए दावा कर सकता है.
पीड़ित का रिश्तेदार मुआवजे के लिए कर सकता है अपील
हाल के दिनों में घटित घटनाएं
राजपुर में खाना बनाने के दौरान आग लगने से चार लोगों की मौत हो गयी थी.
इटाढ़ी में गैस सिलिंडर फटने से एक बच्चे की मौत हुई थी.
जिले में गैस कनेक्शनधारियों की संख्या एक लाख 40 हजार.
इंडेन, भारत, एचपी के उपभोक्ताओं की संख्या सबसे ज्यादा.
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