नालंदा: सड़क हादसे में घायल शिक्षिका की इलाज के दौरान मौत, स्कूल में शोकसभा कर दी गई श्रद्धांजलि
शोकसभा में शामिल छात्राएं व शिक्षक
नालंदा के हरनौत में सड़क हादसे में घायल शिक्षिका सुनीता कुमारी की इलाज के दौरान मौत, विद्यालय परिवार और ग्रामीणों में शोक की लहर।
नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय सबनाहुआ की शिक्षिका सुनीता कुमारी की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गयी. उनकी असामयिक मौत की खबर मिलते ही विद्यालय परिवार के साथ प्रखंड क्षेत्र के शिक्षकों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गयी. सुनीता कुमारी लंबे समय से विद्यालय में शिक्षिका के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं और अपने कार्य के प्रति समर्पित रहने के लिए जानी जाती थीं.
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शिक्षिका के निधन की खबर से विद्यालय में भी माहौल गमगीन हो गया. शुक्रवार को विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं की मौजूदगी में शोकसभा आयोजित की गयी. इस दौरान सभी ने दिवंगत शिक्षिका के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा. शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सुनीता कुमारी के निधन को विद्यालय परिवार के लिए बड़ी क्षति बताया.
वर्ष 2013 से स्कूल में दे रही थीं सेवा
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजाराम पासवान ने बताया कि बड़ी मुढ़ारी गांव निवासी अवधेश सिंह की पत्नी सुनीता कुमारी वर्ष 2013 से उत्क्रमित मध्य विद्यालय सबनाहुआ में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं. करीब एक दशक से अधिक समय तक उन्होंने विद्यालय में बच्चों को पढ़ाया.
प्रधानाध्यापक के अनुसार सुनीता कुमारी अपने काम के प्रति काफी गंभीर और समर्पित थीं. विद्यालय में उनके साथ काम करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों के बीच भी उनका व्यवहार अच्छा था. उनके निधन की खबर से स्कूल के शिक्षक और बच्चे काफी दुखी हैं.
चार माह पहले सड़क हादसे में हुई थीं घायल
बताया जाता है कि करीब चार माह पहले नालंदा जिले के परवलपुर क्षेत्र में सुनीता कुमारी सड़क हादसे का शिकार हो गयी थीं. दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गयी थीं. हादसे के बाद परिजनों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था.
पटना के निजी अस्पताल में उनका काफी दिनों तक इलाज चला. परिजनों और चिकित्सकों की कोशिश के बावजूद उनकी तबीयत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका. लंबे समय तक इलाज चलने के बाद परिजन उन्हें वापस गांव लेकर आए थे. इसके बाद घर पर ही उनका इलाज और देखभाल की जा रही थी.
अचानक बिगड़ी तबीयत और हो गया निधन
शुक्रवार को अचानक सुनीता कुमारी की तबीयत बिगड़ गयी. परिवार के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही उनकी मौत हो गयी. निधन की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. वहीं, गांव और आसपास के लोगों को जब इसकी जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में लोग शोक जताने के लिए उनके घर पहुंचे.
सुनीता कुमारी की मौत से विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और ग्रामीणों में भी गहरा दुख है. शिक्षकों का कहना है कि एक समर्पित शिक्षिका का असमय चले जाना शिक्षा जगत के लिए बड़ी क्षति है.
ग्रामीणों ने भी जताया गहरा दुख
मुढ़ारी पैक्स अध्यक्ष श्रीराम सिंह प्रसाद और मुखिया प्रतिनिधि रोशन कुमार ने भी सुनीता कुमारी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि शिक्षिका की असमय मौत से गांव के साथ शिक्षा जगत को भी अपूरणीय क्षति हुई है.
विद्यालय परिवार की ओर से दिवंगत शिक्षिका की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गयी. साथ ही उनके परिजनों को इस बेहद कठिन समय में धैर्य और संबल मिलने की कामना की गयी. शोकसभा में मौजूद छात्र-छात्राएं और शिक्षक भी उनकी यादों को साझा करते हुए भावुक नजर आए.
सुनीता कुमारी की मौत ने उनके परिवार के साथ-साथ विद्यालय और गांव में भी गहरा खालीपन छोड़ दिया है. लंबे समय तक बच्चों को पढ़ाने वाली शिक्षिका के निधन से स्कूल के छात्र-छात्राओं ने भी अपनी एक प्रिय शिक्षिका को खो दिया है.
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