ट्रैफिक चालान, चेक बाउंस से बैंक लोन तक, जानिए 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में क्या-क्या सुलझेगा
12 सितंबर को बिहार में निपटेंगे लाखों केस
Bihar Lok Adalat Traffic Challan Patna: अगर आपका केस लंबे समय से अटका है या ट्रैफिक चालान जमा नहीं हुआ है, तो 12 सितंबर याद रखिए. बिहार के 37 जिलों में राष्ट्रीय लोक अदालत लगेगी. करीब 5 लाख मामलों को इसके लिए चिन्हित किया गया है. पटना में चालान निपटाने के लिए 30 काउंटर बनाए जाएंगे.
Bihar Lok Adalat Traffic Challan Patna: बिहार में वर्षों से कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रहे लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर है. 12 सितंबर को राज्य के 37 जिलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है. इसमें लोगों को लंबे कानूनी मामलों से बिना किसी खर्च के छुटकारा पाने का मौका मिलेगा.
इसके लिए राज्य भर में करीब 5 लाख मामलों को छांटा गया है. अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बार 1 लाख से ज्यादा मामलों का आपसी समझौते से निपटारा कर दिया जाएगा.
30 साल पुराने केस भी आपसी सहमति से होंगे खत्म
इस बार की लोक अदालत की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ नए केस ही नहीं, बल्कि 10, 20 और 30 साल से अटके हुए मामलों को भी सुलझाया जाएगा.
अधिकारियों के अनुसार, लोक अदालत का असली मकसद लोगों को बिना पैसा खर्च किए आसानी से न्याय दिलाना है. अगर आपका कोई पुराना केस पेंडिंग है, तो आप अपने जरूरी कागजात लेकर पहुंच सकते हैं और बातचीत से मामला खत्म करा सकते हैं.
पटना के गांधी मैदान में ट्रैफिक चालान के लिए 30 काउंटर
पटना में रहने वाले लोगों के लिए ट्रैफिक चालान का निपटारा कराना काफी आसान रहेगा. इसके लिए गांधी मैदान में 30 अलग-अलग काउंटर बनाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को भीड़-भाड़ का सामना न करना पड़े.
अगर आपका भी कोई चालान पेंडिंग है, तो आप सीधे लोक अदालत पहुंच सकते हैं. वहां जाने से पहले अपना चालान, ड्राइविंग लाइसेंस और दूसरा कोई पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी या अन्य सरकारी पहचान पत्र) अपने साथ जरूर रखें.
बिना नोटिस वाले भी सीधे जाकर निपटा सकते हैं मामला
जिन लोगों को लोक अदालत का नोटिस मिल चुका है, उन्हें 12 सितंबर को अपने कागजात के साथ पहुंचना अनिवार्य है.
लेकिन अगर आपको नोटिस नहीं मिला है और आपका मामला आपसी समझौते के लायक है, तब भी आप बिना नोटिस का इंतजार किए सीधे लोक अदालत जाकर अपनी बात रख सकते हैं.
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बैंक लोन, बिजली बिल और फैमिली विवाद भी होंगे हल
लोक अदालत में केवल वही मामले सुने जाते हैं जिनमें कानून के तहत समझौता हो सकता है. इसमें बैंक लोन, क्रेडिट कार्ड का बकाया, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना मुआवजा, बिजली और पानी के बिल से जुड़े विवाद शामिल हैं. इसके अलावा जमीन-जायदाद, पारिवारिक मनमुटाव, भरण-पोषण और नौकरी से जुड़े आपसी विवाद भी आसानी से सुलझाए जा सकते हैं.
पानी, सफाई और डॉक्टर की रहेगी पूरी व्यवस्था
भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए सभी लोक अदालत परिसरों में जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी. आने वाले लोगों के लिए पीने के साफ पानी, बैठने और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. किसी की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत इलाज के लिए मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी.
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