हार्डकोर नक्सली एकेएस गिरफ्तार

Published at :16 Sep 2015 8:15 AM (IST)
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हार्डकोर नक्सली एकेएस गिरफ्तार

आरा : आतंक का प्रयाय बना कुख्यात नक्सली घनश्याम उर्फ एकेएस आखिरकार मंगलवार को चरपोखरी पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया. पुलिस कप्तान नवीन चंद्र झा को गुप्त सूचना मिली की नक्सली एकेएस उर्फ घनश्याम कथराई रोड स्थित एक घर में छुपा हुआ है. उन्होंने ने तत्काल चरपोखरी पुलिस को इसकी सूचना दी. थानाध्यक्ष कुंवर […]

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आरा : आतंक का प्रयाय बना कुख्यात नक्सली घनश्याम उर्फ एकेएस आखिरकार मंगलवार को चरपोखरी पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया. पुलिस कप्तान नवीन चंद्र झा को गुप्त सूचना मिली की नक्सली एकेएस उर्फ घनश्याम कथराई रोड स्थित एक घर में छुपा हुआ है.
उन्होंने ने तत्काल चरपोखरी पुलिस को इसकी सूचना दी. थानाध्यक्ष कुंवर प्रसाद गुप्ता ने कथराई के बरूनी रोड स्थित घर के चारों तरफ घेराबंदी कर धर दबोचा.
12 जुलाई से ही चरपोखरी थाना क्षेत्र के कथराई पुल पर सिलिंडर बम लगाने के मुख्य आरोपी एकेएस उर्फ एके सिंह उर्फ घनश्याम उर्फ धन्नु को पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही थी. कई कांडों का मुख्य आरोपी रहा एकेएस को पकड़ने के बाद भोजपुर पुलिस ने राहत की सांस ली है.
पुलिस ने किया एकेएस का मनसूबा फेल : ऐसी चर्चा है कि एकेएस उर्फ घनश्याम चरपोखरी के कथराई में दो दिन पहले से आकर छुपा था. वह अपने साथियों नक्सली छेदी पासवान, टाइगर सहित अन्य नक्सलियों के साथ बैठक कर विधानसभा चुनाव में खलल डालने की योजना बनाने वाला था.
कुछ ही देर बाद उसके साथी उसी जगह इक्ट्ठा होने वाले थे मगर चरपोखरी थानाध्यक्ष कुंवर प्रसाद गुप्ता ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एकेएस के मनसूबों पर पानी फेर दिया. भोजपुर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी से काफी राहत की सांस ली.
एक नहीं, दर्जनों कांडों कर पुलिस को किया करता था परेशान
एकेएस उर्फ एके सिंह उर्फ घनश्याम नक्सलियों का एरिया कमांडर है. 2004 में पीरो के माखन टोला स्थित पुलिया को विस्फोटक पदार्थ लगा कर अपने साथियों के साथ उड़ा दिया था. 2005 में तरारी के दारोगा जय किशोर साह जब नक्सलियों के होने की सूचना पर छापेमारी करने गये थे तो एकेएस व एकेएस उर्फ घनश्याम ने दारोगा जय किशोर साह की गोली मार कर हत्या कर दी थी.
2005 में चरपोखरी के सेमरांव में कंस्ट्रक्शन कंपनी से लेबी का मांग किया था. नहीं देने पर एकेएस व उसके नक्सली साथियों ने न सिर्फ वहां कार्य कर रहे इंजीनियर व मजदूरों की पिटाई कर काम बंद कर दिया था, बल्कि वहां पर खड़ा जेसीबी में आग लगा दिया था. 2007 में इटाढ़ी गांव में अपने साथियों के साथ हमला कर होम गार्ड के जवानों की पिटाई की थी. साथ में 10 राइफल भी लूट लिया था.
2008 में पीरो के चिलबिलिया में रंगदारी नहीं देने पर ठेकेदारों की पिटाई की थी व काम बंद कराने के साथ जेसीबी व ट्रैक्टर में आग लगा दिया था. 12 जुलाई 2015 को चरपोखरी के कथराई पुल के नीचे अपने साथियों के साथ एमएलसी चुनाव में खलल डालने के लिए दो सिलिंडर बम लगाया था ताकि पुलिस जीप को उड़ाया जा सके. बाद में सीआरपीएफ कोबरा बटालियन की सूचना पर भोजपुर पुलिस ने सिलिंडर बम को डिफ्यूज कर दिया था. तब से पुलिस इसकी तलाश में पटना के बिहटा में तथा झारखंड के कई इलाकों में छापेमारी कर रही थी.
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