जेल में लगेगी तीसरी आंख

Published at :23 Mar 2018 5:17 AM (IST)
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जेल में लगेगी तीसरी आंख

सुरक्षा को लेकर लगाये जायेंगे जैमर व वाच टावर होगी 24 घंटे निगरानी बंदियों पर रहेगी विशेष नजर, पकड़े जाने पर होगी कार्रवाई आरा : आरा मंडल कारा की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी गयी. आरा मंडल कारा के सुरक्षा की जिम्मेदीरी तीसरी आंख के जिम्मे होगी. तीसरी आंख निगाहबानी […]

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सुरक्षा को लेकर लगाये जायेंगे जैमर व वाच टावर होगी 24 घंटे निगरानी

बंदियों पर रहेगी विशेष नजर, पकड़े जाने पर होगी कार्रवाई
आरा : आरा मंडल कारा की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी गयी. आरा मंडल कारा के सुरक्षा की जिम्मेदीरी तीसरी आंख के जिम्मे होगी. तीसरी आंख निगाहबानी करेगी. जेल में जैमर लगाने की व्यवस्था भी की जायेगी. हालांकि पहले से जैमर लगा हुआ था, जो खराब हो चुका है. सीसीटीवी भी खराब पड़े हुए हैं, जिसको दुरुस्त करने की तैयारी शुरू कर दी गयी है. साथ ही जेल में वाच टावर से 24 घंटे निगरानी की जायेगी. बंदियों पर विशेष नजर रखी जायेगी, पकड़े जाने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी. इसको लेकर मुख्यालय से आदेश मिल गया है. बहुत जल्द इसे अमलीजामा पहना दिया जायेगा.
बता दें कि जेल के अंदर लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बंदी मोबाइल का प्रयोग करते हैं और जेल के भीतर से ही अपराध को अंजाम देते रहे हैं. अभी 15 दिन पहले एक बंदी द्वारा आत्महत्या का असफल प्रयास किया गया, इसके बाद बंदी आरा मंडल कारा के पदाधिकारियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोशित हो गये और जमकर हंगामा भी किया था. इस दौरान बंदियों ने जेल के मुख्य द्वार को तोड़ने की भी कोशिश की, लेकिन कारा प्रशासन के तत्परता के कारण उनके मनसूबे पर पानी फेर दिया गया. साथ ही जेल के भीतर बंद बंदी द्वारा फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था.
जिससे प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच की और बंदियों की पहचान की गयी. इसी को लेकर जेल के सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने के लिए मुख्यालय से आदेश दिया गया है.
पेपर लेस होने से कई बंदियों को हो रही है परेशानी: आरा मंडल कारा के पेपर लेस होने के कारण बंदियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बंदियों के बीच इसको लेकर आक्रोश है. सबकुछ कंप्यूटराइज्ड हो गया है, इस कारण बंदियों से मुलाकात करने वाले लोगों में भी कमी आयी है. इसका नतीजा यह है कि जेल के भीतर बंद बंदी अक्सर किसी न किसी मामले को लेकर अनशन व हंगामा खड़ा करते हैं, इस कारण विधि-व्यवस्था प्रभावित होती है.
आवासीय क्षेत्र में जेल होने से सुरक्षा में हो रही परेशानी
शहर के बीचोबीच आवासीय क्षेत्र में जेल होने के कारण जेल के सुरक्षा में परेशानी हो रही है. जेल के चारों तरफ आवासीय मकान है और जेल के चहारदीवारी से सटे हुए हैं. जेल के भीतर बंद बंदी मोबाइल के सहारे अपने गुर्गों से कोई न कोई चीज मंगवाते हैं और आवासीय होने के कारण चहारदीवारी से उसे फेंक दिया जाता है. अक्सर ऐसी घटनाएं देखने को मिलती है, जिससे कारा प्रशासन की परेशानी बढ़ जाती है. पेट्रोलिंग के दौरान समान बरामद भी किया जाता है. इस तरह की शिकायतें बराबर देखने को मिलती है. हालांकि कुछ दिनों से जेल की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी है
क्या कहते हैं अधिकारी
जेल की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जैमर लगाये जायेंगे. साथ ही वाच टावर को भी दुरुस्त किया जायेगा. जेल के अगल-बगल आवासीय होने के कारण चहारदीवारी के बाहर से लोग कुछ न कुछ समान फेंक देते हैं.
निरंजन पंडित,जेल अधीक्षक
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