भागलपुर: विक्रमशिला एक्सप्रेस के AC कोच में 15 मिनट तक नहीं चला एसी, उमस और गर्मी से छटपटाए मुसाफिर
गर्मी से परेशान यात्री
विक्रमशिला एक्सप्रेस के AC कोच में 15 मिनट तक कूलिंग बंद रहने से यात्रियों को भीषण उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा. गर्मी के कारण एक बुजुर्ग यात्री की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें प्लेटफॉर्म पर उतारा गया. इस घटना ने ट्रेन के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
भागलपुर रेलवे स्टेशन से देश की राजधानी नई दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) को जोड़ने वाली पूर्व रेलवे की सबसे प्रतिष्ठित और वीआईपी ट्रेनों में शुमार 12367 विक्रमशिला एक्सप्रेस में गुरुवार को तकनीकी लापरवाही और बदइंतजामी का बड़ा मामला सामने आया. ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर प्लेस होने के बाद लगभग 15 मिनट तक वातानुकूलित (AC) कोचों का एयर कंडीशनिंग सिस्टम बंद रहा. बाहर से बोगी में सवार हुए यात्रियों को भीषण उमस और पसीने का सामना करना पड़ा. इसी दौरान दिल्ली इलाज के लिए जा रहे एक बुजुर्ग यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ गई और घबराहट के चलते परिजनों को उन्हें फौरन बोगी से नीचे प्लेटफॉर्म पर उतारना पड़ा.
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प्लेटफॉर्म पर लगते ही बोगी बनी भट्टी, 15 मिनट बाद चालू हुआ AC
ट्रेन के प्रस्थान से ठीक पहले हुई इस अव्यवस्था से यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी:
- प्लेटफॉर्म पर लगने का समय: विक्रमशिला एक्सप्रेस हर दिन भागलपुर जंक्शन से सुबह 11:55 बजे रवाना होती है. गुरुवार को यार्ड से यह रैक करीब 11:30 बजे प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर आकर लगी.
- घुटने लगा यात्रियों का दम: जैसे ही यात्री अपनी आरक्षित सीटों पर पहुंचे, एसी काम नहीं कर रहा था. सीलबंद कांच की खिड़कियों और वेंटिलेशन न होने के कारण बोगी के भीतर कुछ ही मिनटों में असहनीय उमस और गर्मी पैदा हो गई.
- इंजन लगने का इंतजार: यात्रियों की शिकायत पर जब स्टेशन के अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने तकनीकी सफाई देते हुए कहा कि ट्रेन में इंजन जुड़ने और हेड-ऑन-जनरेशन (HOG) या पावर सप्लाई लिंक होने के बाद ही एसी सक्रिय होगा. करीब 15 मिनट की भारी परेशानी के बाद एसी चालू हुआ, तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली.

बुजुर्ग मरीज की बिगड़ी तबीयत, प्लेटफॉर्म पर उतारा गया
एसी बंद रहने का सबसे ज्यादा खामियाजा बीमार और वृद्ध यात्रियों को भुगतना पड़ा:
- दिल्ली इलाज कराने जा रहे थे बुजुर्ग: एसी कोच में सवार एक बुजुर्ग यात्री, जो अपने परिवार के साथ गंभीर बीमारी का इलाज कराने दिल्ली जा रहे थे, भीषण गर्मी से परेशान हो उठे.
- घबराहट और बेचैनी: बोगी के भीतर ऑक्सीजन और हवा की कमी महसूस होने पर उन्हें तेज पसीना आने लगा और घबराहट होने लगी. स्थिति बिगड़ती देख उनके बेटे ने उन्हें तुरंत बोगी से नीचे उतारा और प्लेटफॉर्म पर खुली हवा में बैठाया, जहां कुछ देर बाद उनकी स्थिति सामान्य हुई.
घटना का विवरण एक नज़र में
| बिंदु (Key Aspects) | विवरण / स्थिति (Details) |
| ट्रेन संख्या व नाम | 12367 विक्रमशिला सुपरफास्ट एक्सप्रेस (भागलपुर – आनंद विहार टर्मिनल) |
| घटनास्थल | प्लेटफॉर्म संख्या 1, भागलपुर जंक्शन |
| प्रस्थान का निर्धारित समय | सुबह 11:55 बजे (प्लेटफॉर्म पर आगमन: ~11:30 बजे) |
| समस्या | रैक लगने के बाद लगभग 15 मिनट तक सभी एसी बोगियों में कूलिंग बंद |
| प्रभाव | बीमार बुजुर्ग यात्री की तबीयत बिगड़ी, प्लेटफॉर्म पर उतारकर दी गई राहत |
| अधिकारियों का पक्ष | इंजन जुड़ने के बाद पावर सप्लाई बहाल कर एसी चालू किया गया |
रख-रखाव और पूर्व-तैयारी पर उठे गंभीर सवाल
विक्रमशिला एक्सप्रेस भागलपुर मंडल की प्रीमियम ट्रेनों में गिनी जाती है, जिसमें रोजाना सैकड़ों वरिष्ठ नागरिक, मरीज और वीआईपी सफर करते हैं:
- प्री-कूलिंग का अभाव: नियमानुसार लंबी दूरी की प्रीमियम ट्रेनों को यार्ड से प्लेटफॉर्म पर लाते समय या प्लेटफॉर्म पर लगाते ही प्री-कूलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि कोच का तापमान सामान्य रहे.
- मेंटेनेंस विंग की ढिलाई: इतनी प्रमुख ट्रेन में बोर्डिंग के समय एसी ठप रहना कोचिंग डिपो और मेंटेनेंस विंग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है. यात्रियों का कहना था कि यदि समय रहते एक स्टेशन अधिकारी ने तत्परता न दिखाई होती, तो बीमार यात्रियों की हालत और बिगड़ सकती थी.
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