राष्ट्र की सभ्यता और संस्कृति का मापदंड उसके धरोहर होते हैं
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 18 Apr 2024 9:10 PM
टीएमबीयू के पीजी प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति और पुरातत्व विभाग में गुरुवार को विश्व विरासत दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया.
टीएमबीयू के पीजी प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति और पुरातत्व विभाग में गुरुवार को विश्व विरासत दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. विभाग के प्रभारी हेड प्रो अशोक कुमार सिन्हा ने विरासतों को सुरक्षित रखने के महत्व पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सभ्यता और संस्कृति का मापदंड उसके धरोहर होते हैं. इसकी सुरक्षा के लिए तत्पर रहना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है. डॉ पवन शेखर ने कहा कि यूनेस्को ने इस वर्ष विश्व विरासत दिवस के लिए डिस्कवर एंड एक्सपीरियंस डायवर्सिटी थीम निर्धारित किया है. इसका मुख्य उद्देश्य संस्कृति से जुड़े. ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण के प्रति जागरूकता लायी जा सके. डॉ उमेश तिवारी ने कहा कि आसपास के धरोहरों के महत्व, सुरक्षा व संरक्षण प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है. डॉ आशा कुमारी ने कहा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाए रखना नितांत आवश्यक है. मौके पर अखिलेश, प्रभात, सोनू, मधु, चंदन, विकास, शमीमा, ईशा, स्वाति, मधु आदि मौजूद थे.
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