गंगा का जलस्तर 10 दिनों में 1.25 मीटर चढ़ा, 2021 के रिकॉर्ड से महज 22 सेंटीमीटर दूर : तटबंध पर बढ़ा दबाव

Updated:
विज्ञापन

गोपालपुर गंगा नदी के बढते जलस्तर का फोटो | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

गंगा नदी का जलस्तर इस्माईलपुर-बिंद टोली क्षेत्र में चिंता बढ़ा रहा है, जो 2021 के उच्चतम रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब है. बढ़ते जलस्तर ने तटबंधों पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे फ्लड फाइटिंग कार्य और निगरानी तेज कर दी गई है. अगले 24 से 48 घंटे नदी के जलस्तर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं.

विज्ञापन

नवगछिया/गोपालपुर : गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने इस्माईलपुर-बिंद टोली क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है. स्पर संख्या सात पर पिछले 10 दिनों में गंगा के जलस्तर में करीब 1.25 मीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है. सोमवार सुबह छह बजे जलस्तर 33.28 मीटर पहुंच गया. यह वर्ष 2021 में दर्ज अब तक के उच्चतम जलस्तर 33.50 मीटर से महज 22 सेंटीमीटर कम है.

विज्ञापन

छह दिनों में 1.33 मीटर बढ़ा जलस्तर

विभागीय आंकड़ों के अनुसार 29 अगस्त को स्पर संख्या सात पर गंगा का जलस्तर करीब 32.03 मीटर था. 30 अगस्त को यह 32.10 मीटर, 31 अगस्त को 32.03 मीटर और एक सितंबर को 31.95 मीटर दर्ज किया गया.

इसके बाद जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई. दो सितंबर को यह 32.00 मीटर, पांच सितंबर को 32.70 मीटर, छह सितंबर को 33.10 मीटर और सात सितंबर की सुबह 33.28 मीटर दर्ज किया गया.

एक सितंबर के 31.95 मीटर के मुकाबले सात सितंबर की सुबह जलस्तर में करीब 1.33 मीटर की वृद्धि हुई है.

खतरे के निशान से 1.68 मीटर ऊपर पहुंचा पानी

सोमवार को स्पर संख्या सात पर दर्ज 33.28 मीटर का जलस्तर निर्धारित खतरे के निशान 31.60 मीटर से 1.68 मीटर ऊपर पहुंच गया है. वहीं विभाग द्वारा दर्ज अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर 33.50 मीटर को पार करने के लिए अब सिर्फ 22 सेंटीमीटर की वृद्धि बाकी है.

गंगा के जलस्तर की स्थिति

  • 29 अगस्त: 32.03 मीटर
  • 1 सितंबर: 31.95 मीटर
  • 5 सितंबर: 32.70 मीटर
  • 6 सितंबर: 33.10 मीटर
  • 7 सितंबर: 33.28 मीटर
  • खतरे का निशान: 31.60 मीटर
  • 2021 का उच्चतम स्तर: 33.50 मीटर
  • 2021 के रिकॉर्ड से दूरी: 22 सेंटीमीटर

तटबंध और स्परों पर बढ़ा दबाव

गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर से इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध और उससे जुड़े स्परों पर दबाव बढ़ गया है. कई संवेदनशील स्थानों पर नदी का दबाव बना हुआ है. ब्रह्मोत्तर बांध सहित आसपास के इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंचने से प्रशासन और जल संसाधन विभाग की चिंता बढ़ी हुई है.

तटबंध की सुरक्षा को देखते हुए फ्लड फाइटिंग कार्य और निगरानी तेज कर दी गयी है. संवेदनशील स्थानों पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

2021 का रिकॉर्ड टूटने का खतरा

यदि गंगा के जलस्तर में इसी तरह तेजी जारी रही तो 2021 में दर्ज 33.50 मीटर का उच्चतम स्तर पार हो सकता है. मौजूदा जलस्तर और नदी के तेवर को देखते हुए अगले 24 से 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं.

इस्माईलपुर-बिंद टोली और आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ गयी है. अब सबकी नजर गंगा के जलस्तर में अगले कुछ घंटों के दौरान होने वाले बदलाव पर है.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन