नाथनगर में बाढ़ का पानी शहरी क्षेत्र तक पहुंचा, सिल्क कारोबार पर मंडराया संकट

Updated:
विज्ञापन

नाथनगर में बाढ़ का पानी शहरी क्षेत्र तक पहुंचा

गंगा और दियारा क्षेत्रों में बढ़ते जलस्तर का असर अब नाथनगर के शहरी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है. अहमदनगर, नीलमही, चंपानगर और लालूचक के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. सिल्क कारोबारियों और मजदूरों की चिंताएं बढ़ गई हैं, वहीं आवागमन और मवेशियों के चारे का संकट भी गहरा रहा है.

विज्ञापन

Nathnagar Flood: गंगा और दियारा क्षेत्रों में बढ़ते जलस्तर का असर अब नाथनगर के शहरी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है. बुधवार को अहमदनगर, नीलमही, चंपानगर और लालूचक के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया. पानी बढ़ने के साथ ही लोगों की चिंता भी बढ़ने लगी है. सबसे बड़ी चिंता नीलमही और चंपानगर के उन कारोबारियों की है, जिनकी रोजी-रोटी पावरलूम और सिल्क कारोबार से जुड़ी है.

आपके शहर में

विज्ञापन

इन इलाकों में बड़ी संख्या में पावरलूम संचालित होते हैं. कारोबारियों के गोदामों और घरों में कच्चा रेशम, तैयार कपड़ा और अन्य सामान रखा हुआ है. यदि पानी का दबाव इसी तरह बढ़ता रहा और लूम तक पानी पहुंचा, तो मशीनों के पार्ट-पुर्जे खराब होने के साथ लाखों-करोड़ों रुपये के माल को नुकसान हो सकता है.

पानी बढ़ा तो सिल्क कारोबार हो सकता है ठप

सिल्क कारोबारी मो इंतो ने बताया कि बाढ़ का पानी पावरलूम में घुसने पर मशीनों को भारी नुकसान हो सकता है. इसके साथ ही कच्चा और तैयार कपड़ा भी खराब होने की आशंका है.

उन्होंने बताया कि दशहरा को लेकर स्थानीय और बाहरी व्यापारियों से लाखों रुपये के ऑर्डर मिले हैं. ऐसे समय में यदि पानी बढ़कर लूम और गोदामों तक पहुंच गया, तो कारोबार प्रभावित होना तय है. समय पर व्यापारियों को तैयार माल उपलब्ध कराना मुश्किल हो जायेगा.

इसका असर केवल कारोबारियों तक सीमित नहीं रहेगा. पावरलूम बंद होने पर इससे जुड़े मजदूरों की आमदनी भी प्रभावित होगी. कारोबार में मंदी आने पर खरीद-बिक्री से जुड़े दूसरे लोगों पर भी इसका असर पड़ सकता है.

दियारा से शहर की ओर बढ़ रहा पानी का दबाव

नाथनगर के दियारा क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे पानी के दबाव के बीच शंकरपुर, रत्तीपुर बैरिया, श्रीरामपुर, रन्नूचक मकंदपुर, रामपुर खुर्द और भतौड़िया समेत कई पंचायतें बाढ़ के पानी से घिर चुकी हैं.

बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बाद लोग अपने जरूरी सामान और मवेशियों को लेकर सुरक्षित तथा ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं. बैरिया गांव के कुछ परिवार मवेशियों के साथ महाशय ड्योढ़ी में शरण लेने को मजबूर हैं.

ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चुनौती घर-गृहस्थी के सामान के साथ मवेशियों को सुरक्षित रखना है. पानी लगातार बढ़ने की स्थिति में लोगों के सामने रहने, खाने और पशुओं के चारे की समस्या और गंभीर हो सकती है.

कई प्रमुख रास्तों पर चढ़ा पानी

बाढ़ का असर अब आवागमन पर भी दिखने लगा है. बंगालीटोला-श्रीरामपुर मुख्य मार्ग, रामपुर रेलवे अंडरपास, कंझिया-नाथनगर मुख्य मार्ग और रामपुर खुर्द-मुसहरी मुख्य मार्ग पर पानी चढ़ गया है.

इन रास्तों पर पानी बढ़ने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है. जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है. यदि जलस्तर और बढ़ता है, तो कई मार्गों पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका है.

मवेशियों के चारे का संकट, सब्जियों के दाम बढ़ने का डर

रत्तीपुर बैरिया पंचायत के सरपंच आशुतोष कुमार आशीष ने बताया कि पूरा गांव पानी से घिर चुका है. खेती-बाड़ी के साथ मवेशियों के लिए रखा चारा भी पानी में डूब गया है.

ग्रामीणों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी समस्या मवेशियों के चारे की है. ऊंचे स्थानों पर पर्याप्त चारा उपलब्ध नहीं होने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गयी है. लंबे समय तक बाढ़ रहने पर पशुओं को बचाये रखना चुनौती बन सकता है.

वहीं, क्षेत्र में सब्जियों की खेती भी बाढ़ की चपेट में आ गयी है. खेतों में पानी भरने से सब्जियों की फसल प्रभावित हो रही है. इसका असर आने वाले दिनों में बाजार की आपूर्ति पर पड़ सकता है और सब्जियों के दाम बढ़ने की आशंका है.

Nathnagar Flood: प्रशासन की नजर बाढ़ प्रभावित इलाकों पर

बाढ़ के बढ़ते प्रभाव के बीच प्रशासन भी स्थिति पर नजर रख रहा है. नाथनगर के सीओ मनोहर कुमार ने बताया कि बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है. जिस इलाके में जिस सुविधा की आवश्यकता होगी, वहां हरसंभव सहायता उपलब्ध करायी जायेगी.

फिलहाल लोगों की नजर पानी के अगले रुख पर है. एक तरफ ग्रामीण अपने घर, मवेशी और खेती बचाने की कोशिश में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर नाथनगर के शहरी हिस्से में पहुंचा पानी सिल्क कारोबार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई, तो बाढ़ का असर जनजीवन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक रूप से पड़ सकता है.

Also Read: भागलपुर: नवगछिया के राघोपुर में 22 मजदूरों से भरी नाव पलटी, 20 का रेस्क्यू; 2 की तलाश में SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी

Also Read: नेपाल में बाढ़ से बिहार में दहशत, अमित शाह ने किया सम्राट चौधरी को फोन, मांगी पूरी जानकारी



विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन