भागलपुर में लग सकती है नई चीनी मिल! कहलगांव की BIADA जमीन पर 100 एकड़ चिन्हित करने का आदेश, प्रशासन ने 3 दिन में मांगी रिपोर्ट

सांकेतिक तस्वीर
Bhagalpur Sugar Mill Project: भागलपुर जिले में चीनी उद्योग की वापसी की उम्मीद जगी है. कहलगांव में BIADA की जमीन पर 100 Bhagalpur Sugar Mill Project: एकड़ की नई आधुनिक चीनी मिल स्थापित करने की दिशा में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. इससे किसानों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है.
कहलगांव(भागलपुर) से असद अशरफी की रिपोर्ट
Bhagalpur Sugar Mill Project: भागलपुर जिले में वर्षों बाद चीनी उद्योग की वापसी की उम्मीद जगी है. अगर सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो कहलगांव में BIADA की जमीन पर नई आधुनिक चीनी मिल स्थापित की जा सकती है. इस दिशा में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और जमीन चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
कहलगांव अंचल कार्यालय ने लगभग 100 एकड़ उपयुक्त जमीन चिन्हित करने के लिए अंचल अमीनों को निर्देश जारी किया है. अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर स्थल निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. यह पहल बिहार सरकार की 2025-30 औद्योगिक नीति के तहत राज्य में नए औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की योजना का हिस्सा है.
BIADA की जमीन पर बनेगी नई चीनी मिल?
प्रशासन को मिली प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार कहलगांव का इलाका नई चीनी मिल के लिए उपयुक्त माना जा रहा है. सरकार जिले में उपलब्ध भूमि, गन्ना उत्पादन की संभावनाओं और आधारभूत सुविधाओं का आकलन कर रही है.
इसी क्रम में कहलगांव अंचल कार्यालय को BIADA द्वारा अधिगृहीत भूमि में से लगभग 100 एकड़ जमीन का चयन करने की जिम्मेदारी दी गई है. चयनित भूमि पर आगे परियोजना की संभावनाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा.
तीन दिनों में मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
कहलगांव के अंचल अधिकारी (CO) ने जारी निर्देश में कहा है कि सभी संबंधित अंचल अमीन संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण करेंगे. निरीक्षण के दौरान जमीन का विस्तृत विवरण, स्वामित्व की स्थिति और नजरी नक्शा तैयार कर तीन दिनों के भीतर कार्यालय को उपलब्ध कराना होगा.
इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी. समय पर रिपोर्ट मिलने के बाद प्रस्ताव को अगले स्तर पर भेजा जाएगा.
बिहार सरकार की नई औद्योगिक नीति से जुड़ी है योजना
दरअसल, बिहार सरकार ने वर्ष 2025-30 की औद्योगिक नीति के तहत राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने और नए क्षेत्रों में आधुनिक चीनी मिलों की स्थापना का निर्णय लिया है.
इसी नीति के तहत भागलपुर जिले को भी संभावित स्थानों की सूची में शामिल किया गया है. सरकार ऐसे क्षेत्रों का चयन कर रही है जहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो और उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मौजूद हों.
भागलपुर में फिलहाल नहीं है कोई चीनी मिल
जिला स्तर पर तैयार रिपोर्ट के अनुसार भागलपुर जिले में वर्तमान समय में कोई भी चीनी मिल संचालित नहीं है. यही कारण है कि सरकार यहां नई इकाई स्थापित करने की संभावना तलाश रही है.
सर्वेक्षण के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि कहलगांव प्रखंड में BIADA द्वारा अधिगृहीत लगभग 1058 एकड़ भूमि उपलब्ध है. इसी बड़े भूखंड में से करीब 100 एकड़ जमीन चीनी मिल के लिए चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है.
किसानों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल सकता है बड़ा फायदा
यदि कहलगांव में चीनी मिल स्थापित होती है, तो इसका सबसे बड़ा लाभ आसपास के किसानों को मिल सकता है. गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए स्थानीय बाजार उपलब्ध होगा. इससे परिवहन लागत कम हो सकती है और बेहतर मूल्य मिलने की संभावना भी बढ़ेगी.
इसके अलावा चीनी मिल शुरू होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. परिवहन, गोदाम, मरम्मत, छोटे व्यवसाय और अन्य सहायक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.
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लेखक के बारे में
By प्रत्युष प्रशांत
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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