भागलपुर के डॉ. डीपी सिंह को राष्ट्रीय जिम्मेदारी, एपीआइ के निर्विरोध उपाध्यक्ष बने
भागलपुर के डॉ. डीपी सिंह को राष्ट्रीय जिम्मेदारी,
भागलपुर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. डीपी सिंह को एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया (API) का निर्विरोध राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निर्वाचित किया गया है. यह शहर के चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो राष्ट्रीय मंच पर इसकी पहचान को मजबूती देगी.
Bhagalpur News: भागलपुर के चिकित्सा जगत के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आयी है. शहर के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. डीपी सिंह को देश के प्रतिष्ठित चिकित्सकीय संगठन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया (एपीआइ) का निर्विरोध राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निर्वाचित किया गया है. खास बात यह है कि भागलपुर से पहली बार किसी चिकित्सक को एपीआइ में राष्ट्रीय स्तर पर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है.
डॉ. डीपी सिंह के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निर्वाचित होने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय चिकित्सा जगत में खुशी का माहौल है. बिहार के अलावा झारखंड और बंगाल के विभिन्न जिलों से भी चिकित्सकों और शुभचिंतकों की ओर से उन्हें बधाई संदेश मिल रहे हैं. वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एके पांडेय, डॉ. एके सिन्हा, डॉ. एचएस शर्मा समेत अनेक चिकित्सकों ने उनकी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए शुभकामनाएं दी हैं.
भागलपुर के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि
एपीआइ देश के प्रमुख चिकित्सकीय संगठनों में शामिल है और इसके राष्ट्रीय स्तर पर किसी पद की जिम्मेदारी मिलना चिकित्सकों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में भागलपुर से किसी चिकित्सक का निर्विरोध राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुना जाना शहर के चिकित्सा जगत के लिए खास उपलब्धि है.
इससे भागलपुर के चिकित्सकों की राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक भागीदारी और पहचान को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है. खासकर इसलिए कि डॉ. डीपी सिंह लंबे समय से चिकित्सा संगठनों की गतिविधियों से जुड़े रहे हैं और विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं.
एपीआइ बिहार से आइएमए बिहार तक निभायी अहम भूमिका
डॉ. डीपी सिंह का चिकित्सा संगठनों में लंबे समय से सक्रिय योगदान रहा है. वे एपीआइ बिहार के चेयरमैन रह चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बिहार के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली है.
वे कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीएसआइ) बिहार के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. अलग-अलग चिकित्सा संगठनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के दौरान उन्होंने चिकित्सकों से जुड़े विषयों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभायी.
राष्ट्रीय स्तर पर भी एपीआइ की गतिविधियों से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है. करीब 12 वर्षों तक उन्होंने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभायी हैं. यही लंबा संगठनात्मक अनुभव अब उन्हें एपीआइ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में मिली नयी जिम्मेदारी में काम आयेगा.
नयी जिम्मेदारी के साथ क्या है डॉ. सिंह का लक्ष्य
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुने जाने के बाद डॉ. डीपी सिंह ने संगठन को लेकर अपनी प्राथमिकताएं भी स्पष्ट की हैं. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य एपीआइ को नयी ऊर्जा, नयी दिशा और नये आयाम प्रदान करना है.
वे संगठन को देशभर में और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के लिए काम करना चाहते हैं. इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा, शोध और अकादमिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर भी उनका जोर रहेगा.
डॉ. सिंह ने चिकित्सकों के बीच बेहतर समन्वय को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है. उनका मानना है कि चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान, शोध और अकादमिक गतिविधियों को मजबूत करने के साथ चिकित्सकों के बीच बेहतर तालमेल भी जरूरी है.
Bhagalpur News: राष्ट्रीय मंच पर भागलपुर की बढ़ेगी पहचान
डॉ. डीपी सिंह को मिली यह जिम्मेदारी केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भागलपुर के चिकित्सा क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. राष्ट्रीय स्तर के संगठन में शहर के किसी चिकित्सक को महत्वपूर्ण दायित्व मिलने से स्थानीय चिकित्सा जगत की पहचान को भी नया मंच मिल सकता है.
अब नयी जिम्मेदारी के साथ डॉ. डीपी सिंह का फोकस संगठन को मजबूत करने, चिकित्सा शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने तथा देशभर के चिकित्सकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर रहेगा. भागलपुर के चिकित्सकों को उम्मीद है कि राष्ट्रीय स्तर पर उनकी सक्रिय भूमिका से शहर की चिकित्सा बिरादरी की आवाज और मजबूत होगी.
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