भागलपुर: शहर के प्राइवेट लॉज में स्टूडेंट जब रहने के लिए लॉज ऑनर से बात करने आते हैं, तो उनसे तरह-तरह के वादे किये जाते हैं. जब स्टूडेंट उनके झांसे में आ कर उनके लॉज में शिफ्ट होते हैं तो हकीकत कोसों दूर होती है.
बिजली के वादे उसमें सबसे पहले नंबर पर होता है. छात्र या छात्रओं की सबसे पहली आवश्यकता बिजली होती है. पढ़ने के लिए कम से कम 10-12 घंटे बिजली चाहिए. वादे भी ऐसे ही किये जाते हैं कि उनको 24 घंटे बिजली मिलेगी.
लाइट जाने के बाद इन्वर्टर या जेनेरेटर की व्यवस्था है, लेकिन न तो उन्हें इन्वर्टर की बिजली मिलती है और न ही जेनेरेटर की. ठंडा का दिन तो कट जाता है, लेकिन गरमी में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. एक छात्र ने बताया जब वह लॉज ऑनर से मिली, तो कई वादे किये. अभी इन्वर्टर की लाइट नहीं मिलती है. इन्वर्टर से लाइट चलती है तो लॉज ऑनर यह कह कर बंद कर देते हैं कि इन्वर्टर चार्ज नहीं है. मोबाइल, लैपटॉप चार्ज करने के लिए 60 रुपये से 200 रुपये अलग से चार्ज लिया जाता है.
दूसरे वादे कमरे की होती है. वादों की लिस्ट में कहा जाता है कि कमरा बड़ा है, हवादार है, रोशनी की व्यवस्था है. कई लॉज को देखने के बाद वहां की हकीकत सामने आती है. इन कमरों में दिन में मच्छरों का आतंक रहता है. कमरे भी काफी छोटे होते हैं. मजबूरन विद्यार्थियों को यहां रहना पड़ता है. कमोबेश सभी प्राइवेट लॉज की यही स्थिति है. एक लॉज ऑनर ने बताया जितनी अच्छी व्यवस्था होती है. हम उतनी ही फीस लेते हैं.