पूर्व नगर आयुक्त के कारण स्मार्ट बनने से चूक गया शहर
Author Prabhat khabar digital desk
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पूर्व नगर आयुक्त के समय तीन से चार साल के दौरान स्मार्ट सिटी का नहीं हुआ एक भी काम भागलपुर : प्रमंडलीय आयुक्त वंदना किनी ने स्मार्ट सिटी के कामकाज व खर्च को लेकर करवायी गयी जिला स्तरीय जांच के बाद जो सरकार को रिपोर्ट भेजी, वह बेहद गंभीर थी. कमिश्नर ने पूर्व नगर आयुक्त […]
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पूर्व नगर आयुक्त के समय तीन से चार साल के दौरान स्मार्ट सिटी का नहीं हुआ एक भी काम
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भागलपुर : प्रमंडलीय आयुक्त वंदना किनी ने स्मार्ट सिटी के कामकाज व खर्च को लेकर करवायी गयी जिला स्तरीय जांच के बाद जो सरकार को रिपोर्ट भेजी, वह बेहद गंभीर थी. कमिश्नर ने पूर्व नगर आयुक्त के स्मार्ट सिटी के सीइओ पद संभालने से लेकर ट्रांसफर होने से पहले तक के काम पर गंभीर टिप्पणी की.
जांच के दौरान टीम को वित्तीय कागजात नहीं देने, स्मार्ट सिटी के खाता से संबंधित कोई भी अभिलेख व रोकड़ बही नहीं प्रस्तुत करना स्पष्ट रूप से वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है. स्मार्ट सिटी के नाम पर निदेशक मंडल की मंजूरी को दरकिनार करके डस्टबीन, जेसीबी, सीसीटीवी, एलइडी टीवी, झूला की खरीद की गयी. जांच टीम को खाता की जानकारी नहीं दी और रोकड़ बही भी नहीं दिखाया. जांच के दौरान कुछ भी खरीद को लेकर सवाल-जवाब करने पर यह कहा जाता है कि नगर आयुक्त के कहने पर हुआ है.
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