30 साल बाद फैसला, 48 में 30 आरोपितों को संदेह का लाभ, रिहा

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भागलपुर : वर्ष 1989 में हुए भागलपुर दंगा के 30 साल बाद अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने हड़वा में जातीय हंगामे के मामले में 30 आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया. इन सभी आरोपितों के खिलाफ पुरैनी राहत शिविर में हड़वा निवासी मो कमालउद्दीन ने प्राथमिकी दर्ज करवायी थी. […]

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भागलपुर : वर्ष 1989 में हुए भागलपुर दंगा के 30 साल बाद अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने हड़वा में जातीय हंगामे के मामले में 30 आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया. इन सभी आरोपितों के खिलाफ पुरैनी राहत शिविर में हड़वा निवासी मो कमालउद्दीन ने प्राथमिकी दर्ज करवायी थी.

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दर्ज प्राथमिकी में कुल 48 आरोपितों में ट्रायल के दौरान 18 मर गये. इधर, कोर्ट से रिहा होनेवाले आरोपित में राधे मंडल, मोहन मंडल, श्याम मंडल, गणेश मंडल, रजुआ मंडल, नर सिंह पासवान, यदु यादव, राजू मंडल, सुरेश मंडल, महेश मंडल, जहूरी पंडित, सिंहेश्वर मंडल, श्री मंडल, हरि मंंडल, परमेश्वर मंडल, दिनेश मंडल, सुरेश यादव, लखन मंडल, अनिल मंडल, अशोक साह, शंकर मंडल, गजा मंडल, गजू पंडित, उदित मंडल, दामोदर मंडल, इंद्रा मंडल, हरि मंडल, जयनारायण मंडल, सुबित यादव व रामचरण मंडल हैं.
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