12 साल से किसी को देख हो जाती थी असहज

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भागलपुर : बाहर साल से गुड़िया अशांत रहती थी. लोगों को देख कर उग्र हो जाती थी. इलाज के बाद भी बीमारी पूरी तरह खत्म नहीं हुई. पहले गुड़िया ने पुत्र को जन्म दिया. अब अपने बच्चे को स्तनपान करने के बाद गुड़िया शांत हो जाती है. छह दिन से गुड़िया अपने पति के साथ […]

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भागलपुर : बाहर साल से गुड़िया अशांत रहती थी. लोगों को देख कर उग्र हो जाती थी. इलाज के बाद भी बीमारी पूरी तरह खत्म नहीं हुई. पहले गुड़िया ने पुत्र को जन्म दिया. अब अपने बच्चे को स्तनपान करने के बाद गुड़िया शांत हो जाती है. छह दिन से गुड़िया अपने पति के साथ मायागंज अस्पताल के शिशु रोग विभाग के सामने 24 घंटे बैठी रहती है. इसका बेटा निकू वार्ड में भर्ती है. गुड़िया को इंतजार रहता है अपने बच्चे को स्तनपान कराने का. नर्स का आदेश मिलते ही वह अपने बीमार बच्चे के पास दौड़ जाती है. पुत्र को सीने से लगाती है.

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दूध पिलाने के बाद सीधे फिर से वार्ड के बाहर शांत होकर बैठ जाती है.
तीन बच्चों की मां है गुड़िया. पति राम नरेश यादव ने बताया कि अचानक गुड़िया खुद से बातें करने लगती है. काफी इलाज के बाद भी इसकी हालत नहीं सुधरी. इस बीच छोटे बेटे का जन्म हुआ. इसके बाद गुड़िया शांत रहने लगी है. पहले हम डर रहे थे कि कहीं यह बच्चे को नुकसान न पहुंचा दे. लेकिन हमार डर खत्म हो गया. अब वह बच्चे को शांत होकर स्तनपान कराती है.
शिशु रोग विभाग में बने निकू वार्ड में भर्ती बच्चों की मां चौबीस घंटे बैठी रहती है. यहां भर्ती बच्चों को चौबीस घंटे में तीन बार स्तनपान कराने का निर्देश चिकित्सक देते हैं. जैसे ही पहला निर्देश चिकित्सक का इन मां को मिलता है वो भागी भागी वार्ड के पास चली आती है. बच्चों को स्तनपान कराती हैं.
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