CM ने किया मॉडल स्कूल का उद्घाटन, लेकिन स्कूल में न नए उपकरण, न डिजिटल तैयारी

Author Israel ansari|Edited by Aaruni Thakur
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उद्घाटन के दौरान शिक्षक ,अभिभावक व अन्य

सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल का शुभारंभ मुख्यमंत्री द्वारा किया गया, लेकिन उद्घाटन समारोह के साथ ही आधारभूत सुविधाओं पर सवाल उठने लगे। पुराने भवन, टूटे शीशे और प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं ने मॉडल स्कूल की अवधारणा पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

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Thakrahan Model School: मुख्यमंत्री के वर्चुअल उद्घाटन के साथ रविवार को सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल की शुरुआत हुई. प्रखंड के मलाही टोला स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने फीता काटकर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर इसका विधिवत शुभारंभ किया.

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उद्घाटन समारोह के साथ ही स्कूल की आधारभूत सुविधाओं को लेकर सवाल भी उठने लगे.

पुराने भवन में ही शुरू हुआ मॉडल स्कूल

स्थानीय लोगों के अनुसार यह मॉडल स्कूल किसी नए भवन में नहीं, बल्कि पहले से संचालित बिहार उन्नयन स्मार्ट क्लास भवन में शुरू किया गया है.

ग्रामीणों का कहना है कि मरम्मत के नाम पर केवल रंग-रोगन किया गया है, जबकि भवन की कई खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं, दरवाजे क्षतिग्रस्त हैं और कई जगह फर्श भी धंसा हुआ है.

अभिभावकों ने उठाए संसाधनों पर सवाल

अभिभावकों का कहना है कि सरकार डिजिटल बोर्ड और ई-कंटेंट आधारित शिक्षा की बात कर रही है, लेकिन जब तक विद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल उपकरण और प्रशिक्षित शिक्षकों की स्थायी व्यवस्था नहीं होगी, तब तक मॉडल स्कूल की अवधारणा अधूरी रहेगी.

उनका कहना है कि केवल नाम बदलने से शिक्षा की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार संभव नहीं है.

स्कूल में नहीं पहुंचे नए उपकरण

प्रधानाध्यापक रवि प्रकाश चौबे ने बताया कि विद्यालय को विभाग की ओर से फिलहाल कोई नया डिजिटल उपकरण उपलब्ध नहीं कराया गया है.

उन्होंने कहा कि स्कूल में अभी भी वर्ष 2020 में शुरू हुए उन्नयन स्मार्ट क्लास का पुराना एलईडी टीवी ही उपलब्ध है और उसी के माध्यम से कार्य किया जा रहा है.

तकनीकी प्रशिक्षण की भी कमी

विद्यालय में डिजिटल शिक्षा की तैयारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. जानकारी के अनुसार यहां कार्यरत शिक्षकों को आधुनिक कंप्यूटर और डिजिटल उपकरणों के संचालन का विशेष प्रशिक्षण नहीं मिला है.

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राकेश कुमार ने कहा कि बिना पर्याप्त तकनीकी संसाधनों और प्रशिक्षित शिक्षकों के इस योजना का प्रभाव सीमित रह सकता है. हालांकि उन्होंने भविष्य में विज्ञान प्रयोगशाला, डिजिटल संसाधन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया.

उद्घाटन समारोह में रहे मौजूद

कार्यक्रम में मुखिया रुपेश चौधरी, डॉ. निजामुद्दीन अली, मुखिया प्रतिनिधि वीरेंद्र तिवारी, पूर्व मुखिया सुरेंद्र यादव, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राकेश कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और शिक्षक मौजूद रहे.

इसके अलावा विजय चौधरी, डॉ. हरदेव कुशवाहा, जदयू नेता सींगलदीप गद्दी, जितेंद्र कुशवाहा, शिक्षक शशि तिवारी, गुल मोहम्मद अंसारी, निसार अहमद, अरविंद जायसवाल समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं, अभिभावक और ग्रामीण कार्यक्रम में शामिल हुए.


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