विधान परिषद में गूंजा पश्चिम चंपारण का बिजली संकट, सरकार ने अगस्त तक सुधार का भरोसा दिया

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इंजीनियर सौरभ कुमार, विधान पार्षद पश्चिम चंपारण

पश्चिम चंपारण के भीतहा, पिपरासी, मधुबनी और ठकराहा प्रखंडों में लंबे समय से जारी लो-वोल्टेज और अनियमित बिजली आपूर्ति का मामला बिहार विधान परिषद में प्रमुखता से उठाया गया. सरकार ने अगस्त तक समस्या के समाधान का लक्ष्य रखा है.

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West Champaran News: बिहार विधान परिषद के मानसून सत्र में पश्चिम चंपारण के भीतहा, पिपरासी, मधुबनी और ठकराहा प्रखंडों में लंबे समय से जारी लो-वोल्टेज और अनियमित बिजली आपूर्ति का मामला प्रमुखता से उठाया गया. विधान पार्षद सौरभ कुमार ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से सरकार से पूछा कि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.

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उन्होंने आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त विद्युत संचरण लाइन की मरम्मत में हो रही देरी का मुद्दा भी सदन में उठाया.

किसानों, छात्रों और कारोबारियों की परेशानी का उठाया मुद्दा

विधान पार्षद सौरभ कुमार ने कहा कि खराब बिजली व्यवस्था से किसानों, विद्यार्थियों, घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायियों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

उन्होंने सरकार से इन क्षेत्रों में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की.

सरकार ने माना, चारों प्रखंडों में है समस्या

ऊर्जा विभाग ने अपने जवाब में स्वीकार किया कि चारों प्रखंडों में बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्या बनी हुई है.

विभाग ने बताया कि वर्तमान में इन इलाकों को कुचायकोट शक्ति उपकेंद्र से बिजली मिल रही है. चार अतिरिक्त शक्ति उपकेंद्र जुड़ने के बाद 33 केवी लाइन पर करीब 30 से 32 मेगावाट अतिरिक्त भार बढ़ गया है. साथ ही लाइन की लंबाई करीब 100 किलोमीटर होने के कारण लो-वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो रही है.

अगस्त तक नई 33 केवी लाइन बनाने का लक्ष्य

सरकार ने बताया कि 29 अप्रैल को आए आंधी-तूफान में 132 केवी बेतिया-ठकराहा संचरण लाइन के छह टावर क्षतिग्रस्त हो गए थे. फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था से बिजली आपूर्ति जारी है.

स्थायी समाधान के लिए 13 किलोमीटर लंबी नई 33 केवी लाइन का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे मधुबनी शक्ति उपकेंद्र को कुचायकोट शक्ति उपकेंद्र से जोड़ा जाएगा. विभाग ने इस कार्य को अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. वहीं क्षतिग्रस्त 132 केवी संचरण लाइन के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया भी जारी है.

कार्यों की प्रगति पर रखेंगे नजर

विधान पार्षद सौरभ कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा समस्या स्वीकार करना सकारात्मक पहल है.

उन्होंने कहा कि वे निर्माण कार्यों की प्रगति पर लगातार निगरानी रखेंगे, ताकि तय समय सीमा के भीतर योजनाएं पूरी हों और पश्चिम चंपारण के लोगों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिल सके.


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