बगहा में सफाई व्यवस्था क्यों हुई बाधित? एजेंसी ने बतायी अलग वजह, ईओ ने आरोपों को नकारा
बगहा नगर परिषद का भवन | Prabhat Khabar Network
बगहा नगर परिषद में सफाई व्यवस्था बाधित होने को लेकर सफाई एजेंसी और नगर परिषद आमने-सामने हैं. एजेंसी ने सफाई कर्मियों की हड़ताल के लिए स्वच्छता पदाधिकारी को जिम्मेदार बताया, जबकि ईओ ने आरोपों को निराधार बताया है.
बगहा नगर परिषद बगहा में बार-बार सफाई व्यवस्था रुकने के मामले में अब नगर परिषद और सफाई एजेंसी आमने-सामने हैं. स्वच्छता पदाधिकारी ने सफाई एजेंसी दास एंड दास कंपनी से सफाई कार्य बाधित होने को लेकर जवाब मांगा था. इसके जवाब में कंपनी के प्रोपराइटर ने सफाई कार्य रुकने और कर्मियों की हड़ताल के लिए स्वच्छता पदाधिकारी को ही जिम्मेदार बताया है.
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वहीं, कार्यपालक पदाधिकारी सरोज कुमार ने एजेंसी के आरोपों को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि एजेंसी अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है. उन्होंने इसे सुनियोजित साजिश भी बताया है.
करीब दो साल से मजदूरी का मामला लंबित
कंपनी ने अपने जवाब में कहा है कि उसके नगर परिषद में काम शुरू करने से पहले पुरानी एजेंसी सफाई कर्मियों की मजदूरी का भुगतान किए बिना चली गयी थी. कर्मियों के करीब दो वर्षों से बकाया भुगतान का मामला लंबित है.
कंपनी के अनुसार, इसी वजह से सफाई कर्मी समय-समय पर आंदोलन और हड़ताल करते रहे हैं. एजेंसी ने आरोप लगाया कि स्वच्छता पदाधिकारी ने कर्मियों के साथ बातचीत कर समस्या को सुलझाने की दिशा में प्रभावी पहल नहीं की. इससे सफाई का काम प्रभावित हुआ.
स्वच्छता पदाधिकारी पर सांठगांठ का आरोप
एजेंसी ने ईओ को दिए जवाब में स्वच्छता पदाधिकारी पर पूर्व सफाई एजेंसी के साथ कथित सांठगांठ का आरोप भी लगाया है. कंपनी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
एजेंसी ने सफाई कर्मियों की मजदूरी से जुड़ी समस्या का स्थायी समाधान कराने की भी मांग की. उसका कहना है कि कर्मियों की हड़ताल की मुख्य वजह मजदूरी भुगतान का विवाद है. एजेंसी ने अपनी कार्यप्रणाली में लापरवाही के आरोप से इनकार किया है.
ईओ बोले- आरोप तथ्यहीन
ईओ सरोज कुमार बैठा ने एजेंसी के आरोपों को तथ्यहीन बताया. उन्होंने कहा कि स्वच्छता पदाधिकारी पर लगाए गए आरोप गलत हैं. एजेंसी सफाई व्यवस्था बाधित होने की अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है.
उन्होंने बताया कि नगर परिषद मामले की जांच कर रही है. जांच के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
स्वच्छता पदाधिकारी ने भी आरोपों को खारिज किया
स्वच्छता पदाधिकारी ने एजेंसी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि पुरानी एजेंसी का करीब 10 दिन का भुगतान बकाया है. नगर परिषद इस राशि का भुगतान करने के लिए तैयार है, लेकिन संबंधित एजेंसी को राशि लेने के लिए आना होगा.
उन्होंने बताया कि हड़ताल के दो दिन बाद सफाई कर्मी काम पर लौट आए हैं. शनिवार शाम से शहर में पहले की तरह सफाई का काम जारी है.
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