गाय की बछिया के शरीर पर दिखीं गांठें, लंपी वायरस की आहट से वाल्मीकिनगर में बढ़ी पशुपालकों की चिंता
लम्पी वायरस से संक्रमित बछिया
वाल्मीकिनगर के ई-टाइप कॉलोनी में एक बछिया में लंपी बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखने से पशुपालकों में चिंता की लहर दौड़ गई है. बछिया के शरीर पर गांठें और अन्य लक्षण पाए गए हैं. पशु चिकित्सक ने सभी पशुपालकों को सतर्क रहने और तत्काल उपचार शुरू करने की सलाह दी है.
West Champaran News: वाल्मीकिनगर पंचायत क्षेत्र में एक गाय की बछिया में लंपी बीमारी जैसे शुरुआती लक्षण दिखाई देने के बाद पशुपालकों में चिंता बढ़ गई है. ई-टाइप कॉलोनी निवासी विवेक कुमार की बछिया के शरीर पर बीमारी से जुड़े लक्षण देखे गए हैं. इसके बाद पशुपालक सतर्क हो गए हैं और बछिया के उपचार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पशु चिकित्सक ने अन्य पशुपालकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है.
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Valmikinagar News: बछिया में लंपी जैसे लक्षण दिखने से बढ़ी चिंता
ई-टाइप कॉलोनी निवासी विवेक कुमार की गाय की बछिया के शरीर पर लंपी बीमारी जैसे शुरुआती लक्षण दिखाई दिए. इसके बाद पशुपालक ने उपचार की प्रक्रिया शुरू कराई. घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के पशुपालक भी अपने पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क हो गए हैं.
लंपी बीमारी में दिख सकते हैं गांठ और बुखार
हरनाटांड़ के पशु चिकित्सक राकेश कुमार ने बताया कि लंपी पशुओं में होने वाली एक संक्रामक बीमारी है. संक्रमण की स्थिति में पशु के शरीर पर गांठें उभर सकती हैं. इसके साथ तेज बुखार, कमजोरी और दर्द जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं.
बीमारी बढ़ने पर पशुओं की दूध उत्पादन क्षमता प्रभावित होने की आशंका रहती है. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर पशुपालकों को तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए.
मच्छर-मक्खियों से फैलता है संक्रमण
चिकित्सक के अनुसार लंपी वायरस मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी और अन्य खून चूसने वाले कीड़ों के माध्यम से फैल सकता है. संक्रमित पशु के संपर्क, लार तथा दूषित वस्तुओं के माध्यम से भी संक्रमण फैलने की आशंका रहती है.
इसलिए पशुपालकों को पशुशाला और आसपास के वातावरण की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.
लक्षण दिखे तो पशु को तुरंत करें अलग
पशु चिकित्सक ने सलाह दी कि किसी पशु में लंपी जैसे लक्षण दिखाई देने पर उसे तुरंत स्वस्थ पशुओं से अलग कर दें. उसके खाने-पीने के बर्तन भी अलग रखें.
पशुशाला की नियमित सफाई के साथ कीटनाशक का छिड़काव करने से संक्रमण फैलाने वाले कीड़ों की संख्या को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.
गंभीर लक्षण में घरेलू उपाय के बजाय डॉक्टर से करें संपर्क
चिकित्सक के अनुसार हल्के लक्षणों में पशु को राहत देने के लिए नीम की पत्तियों के पानी से स्नान कराया जा सकता है. हालांकि गंभीर लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है.
समय पर जांच और टीकाकरण जरूरी
पशु चिकित्सक ने संक्रमण की रोकथाम के लिए समय पर जांच और आवश्यक टीकाकरण पर जोर दिया. पशुपालकों से अपने पशुओं के स्वास्थ्य पर नजर रखने और किसी भी असामान्य लक्षण की जानकारी तुरंत पशु चिकित्सा विभाग को देने की अपील की गई.
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