उफनती नदी में बेटे को कंधे पर बैठाकर स्कूल पहुंचाने निकला पिता, वायरल वीडियो ने बयां की दोन क्षेत्र की मजबूरी

Author Israel ansari|Edited by Sarfaraz Ahmad
Updated:
विज्ञापन

अपने बेटे को कंधा पर लेकर समय से स्कूल पहुंचाने मसान नदी पार करते पिता

पश्चिम चंपारण के बगहा से एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है. एक पिता अपने बेटे को कंधे पर बैठाकर तेज बहाव वाली मसान नदी पार करता दिखा, ताकि वह समय पर स्कूल पहुंच सके. यह वीडियो पिता के त्याग और बेटे की शिक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाता है.

विज्ञापन

Bagaha News: पश्चिम चंपारण के बगहा स्थित दोन क्षेत्र से सामने आई एक मार्मिक तस्वीर ने लोगों को भावुक कर दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक पिता अपने बेटे को कंधे पर बैठाकर तेज बहाव वाली मसान नदी पार करता दिखाई दे रहा है, ताकि वह समय पर स्कूल पहुंच सके. यह दृश्य पिता के त्याग और बेटे की शिक्षा के प्रति समर्पण के साथ-साथ क्षेत्र की बदहाल आधारभूत सुविधाओं की भी कहानी बयां करता है.

आपके शहर में

विज्ञापन

बारिश से उफान पर हैं पहाड़ी नदियां

नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण त्रिवेणी गंडक, मसान, हरहा, कपन और भलुई समेत कई पहाड़ी नदियां उफान पर हैं. बरसात शुरू होते ही रामनगर प्रखंड का दोन क्षेत्र एक बार फिर मुख्यधारा से कटने लगा है. बुधवार शाम करीब आठ बजे वाल्मीकिनगर गंडक बराज से लगभग 1.75 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया.

यह भी पढ़ें: दोन क्षेत्र के 26 गांव हर साल बरसात में मुख्यधारा से कट जाते हैं, सड़क और पुल की मांग तेज

बेटे की पढ़ाई के लिए पिता ने उठाया जान का जोखिम

वायरल वीडियो में मसान नदी का तेज बहाव साफ दिखाई देता है. थोड़ी सी चूक पिता और बेटे दोनों की जान पर भारी पड़ सकती थी, लेकिन बेटे की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए पिता ने अपनी जान की परवाह नहीं की. वीडियो सामने आने के बाद लोग पिता के साहस की सराहना कर रहे हैं, वहीं क्षेत्र की बदहाल व्यवस्था पर सवाल भी उठा रहे हैं.

हर साल दोहराती है परेशानी

दोन क्षेत्र के लोगों के लिए यह कोई नई स्थिति नहीं है. हर वर्ष बरसात के दौरान करीब 22 गांव चारों ओर से पानी से घिर जाते हैं. कई स्थानों पर अब तक पुल और पुलियों का निर्माण नहीं हो सका है. ऐसे में बच्चों को स्कूल पहुंचाने, मरीजों को अस्पताल ले जाने और रोजमर्रा के कामों के लिए ग्रामीणों को उफनती नदियां पार करनी पड़ती हैं.

प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और नदी किनारे नहीं जाने की अपील की है. वहीं वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर दोन क्षेत्र के लोगों को इस जानलेवा परेशानी से स्थायी राहत कब मिलेगी और विकास की योजनाएं धरातल पर कब उतरेंगी. उल्लेखनीय है कि इसी समस्या को लेकर क्षेत्र के लोगों ने पहले चुनाव का बहिष्कार भी किया था.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन