बलिया में गंगा कटाव से शिवनगर के 1 हजार परिवारों पर बढ़ा खतरा, रातभर नदी किनारे पहरा दे रहे ग्रामीण

Updated:
विज्ञापन

गंगा में बिलीन होने को है पक्का मकान

गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बलिया के शिवनगर गांव में भीषण कटाव जारी है. करीब 1000 परिवारों के विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है. ग्रामीण रात-रात भर नदी किनारे पहरा दे रहे हैं, प्रशासन से तत्काल बचाव कार्य की मांग कर रहे हैं.

विज्ञापन

Flood Alert : बलिया. भोजपुर जिले के जमुनियां गांव जैसी स्थिति अब बलिया के दियारा क्षेत्र के शिवनगर गांव में बनती दिखाई दे रही है. गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच गांव के दक्षिणी छोर पर तेज कटाव होने से करीब 1 हजार परिवारों के सामने विस्थापन का खतरा पैदा हो गया है. कटाव की बढ़ती रफ्तार को लेकर ग्रामीणों में दहशत के साथ जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन के प्रति आक्रोश भी बढ़ रहा है.

आपके शहर में

विज्ञापन

रात में भी गंगा किनारे दे रहे पहरा

गुरुवार की देर रात शिवनगर गांव के दक्षिणी छोर पर अचानक भीषण कटाव शुरू हो गया. कटाव की चपेट में आया एक पक्का मकान भी धराशायी होने के कगार पर पहुंच गया. मकान के आसपास तेजी से हो रहे कटाव को देखते हुए गृहस्वामी समेत आसपास के लोग पूरी रात दहशत में रहे. गांव में स्थिति ऐसी है कि ग्रामीणों को रात-रात भर रतजगा करना पड़ रहा है. गांव के युवा हाथों में टॉर्च लेकर बारी-बारी से गंगा किनारे पहरा दे रहे हैं, ताकि कटाव की स्थिति बिगड़ने पर समय रहते लोगों को सतर्क किया जा सके.

ग्रामीणों का कहना है कि गंगा की तेज धार कब अपना रुख बदल दे और कटाव की रफ्तार अचानक बढ़ जाये, इसका कोई भरोसा नहीं है. इसी आशंका के कारण लोग अपने घर और गांव की सुरक्षा को लेकर रात में भी नदी किनारे नजर रख रहे हैं.

तीन तरफ से पानी के दबाव में शिवनगर

ग्रामीणों के मुताबिक शिवनगर की भौगोलिक स्थिति इस समय बेहद चिंताजनक हो गयी है. गांव के दक्षिणी छोर पर गंगा नदी विकराल रूप में बह रही है, जबकि उत्तरी दिशा में बाढ़ का पानी फैला हुआ है. इससे गांव के चारों ओर पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है. ऐसे हालात में ग्रामीणों के सामने आवागमन के साथ पशुओं के लिए चारा और पानी की व्यवस्था करने तथा रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भी परेशानी बढ़ गयी है.

ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते कटावरोधी उपाय नहीं किये गये, तो शिवनगर गांव का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है. लगातार कटाव के कारण नदी के किनारे रहने वाले परिवार सबसे अधिक चिंतित हैं और उन्हें अपने घरों के सुरक्षित रहने की चिंता सता रही है.

पिछले साल कराये गये थे कटावरोधी कार्य

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी शिवनगर में कटावरोधी कार्य कराये गये थे. हालांकि कई जगहों पर गंगा की तेज धारा के कारण इन कार्यों का असर अब कम होता दिखाई दे रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि नदी की धार लगातार दबाव बना रही है और संवेदनशील स्थानों पर तत्काल बचाव कार्य नहीं किया गया तो नुकसान बढ़ सकता है.

ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी चिंता है कि कहीं शिवनगर गांव का हाल भी जमुनियां गांव जैसा न हो जाये. जमुनियां गांव में गंगा के कटाव ने बड़ी तबाही मचायी थी और देखते ही देखते पूरा गांव नदी में समा गया था. इसी आशंका के कारण शिवनगर के लोग प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.

तत्काल कटावरोधी कार्य कराने की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से शिवनगर में कटावरोधी कार्य तेज कराने, संवेदनशील स्थानों पर बचाव सामग्री उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों के लिए जरूरी व्यवस्था करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि अभी से प्रभावी कदम नहीं उठाये गये तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है. कटाव की लगातार बढ़ती स्थिति के बीच ग्रामीणों की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन