बरौनी नगर परिषद CCTV विवाद पर जिला प्रशासन सख्त: भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद, जानिए 286 कैमरों का सच

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Begusarai News: बरौनी नगर परिषद में सीसीटीवी कैमरों की खरीद को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे भ्रष्टाचार के आरोपों का जिला प्रशासन ने खंडन किया है. डीएम के निर्देश पर हुई जांच में सभी दावे भ्रामक पाए गए. पूरी प्रक्रिया जेम पोर्टल से, नियमों के तहत हुई.

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Begusarai News: जिले के बरौनी नगर परिषद में सीसीटीवी कैमरों की खरीद को लेकर सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों पर जिला प्रशासन ने विराम लगा दिया है. जिलाधिकारी रिची पांडेय के निर्देश पर कराई गई गहन प्रशासनिक जांच के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए सभी दावों को भ्रामक, मनगढ़ंत और तथ्यहीन करार दिया है. कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में बताया गया कि पूरी खरीद प्रक्रिया जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता और तय सरकारी नियमों के तहत पूरी की गई है.

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जेम पोर्टल से हुई 286 कैमरों की खरीद

प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, नगर क्षेत्र में मजबूत निगरानी तंत्र विकसित करने के लिए जेम बिड संख्या जीईएम/2025/बी/6140170 के जरिए कुल 229 कैमरों की आपूर्ति और अधिष्ठापन की निविदा निकाली गई थी. इसके बाद नियमानुसार सफल एजेंसी को कार्य आवंटित किया गया. बाद में सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निविदा शर्तों के अनुरूप 25 प्रतिशत अतिरिक्त यानी 57 और कैमरों की आपूर्ति का द्वितीय कार्यादेश जारी हुआ, जिससे नगर परिषद क्षेत्र में अधिष्ठापित होने वाले कैमरों की कुल संख्या 286 हो गई.

टेंडर राशि में संपूर्ण निगरानी प्रणाली शामिल

जिला प्रशासन ने बताया कि सोशल मीडिया पर केवल एक कैमरे की लागत को आधार बनाकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है, जबकि निविदा की कुल राशि में केवल कैमरे नहीं, बल्कि संपूर्ण सर्विलांस सिस्टम की स्थापना और संचालन का खर्च शामिल है. इस समग्र परियोजना में चिन्हित स्थानों पर मजबूत पोल लगाने, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पावर व स्टोरेज बैकअप, आधुनिक सर्वर रूम की स्थापना और उसे संचालित करने के लिए तकनीकी कर्मियों की तैनाती का खर्च भी समाहित है. इसके अलावा हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर केबल, आरजे-45 कनेक्टर, 65 इंच की एलईडी डिस्प्ले और आगामी रख-रखाव का जिम्मा भी चयनित एजेंसी का ही है.

भ्रामक प्रचार पर जिला प्रशासन की दो टूक

जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए नागरिकों को अफवाहों से बचने की सख्त हिदायत दी है.

"सीसीटीवी परियोजना की निविदा राशि को केवल कैमरों की खरीद मूल्य के रूप में प्रचारित करना वास्तविक स्थिति को जानबूझकर गलत तरीके से पेश करना है. इस बजट में आपूर्ति के साथ बुनियादी ढांचा, तकनीकी उपकरण और दीर्घकालिक मेंटेनेंस शामिल है. आम नागरिक सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट और भ्रामक आंकड़ों पर बिल्कुल ध्यान न दें तथा केवल आधिकारिक व प्रामाणिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें." — जिला प्रशासन, बेगूसराय

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