कांवरिया पथ पर बाल मजदूरी के खिलाफ बांका प्रशासन सख्त, होटल-ढाबों में चल रहा विशेष अभियान

कांवरिया पथ पर जागरूकता अभियान चलाते श्रम अधीक्षक. | Prabhat Khabar Network
Shravani Mela 2026 : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान कांवरिया पथ पर बाल मजदूरी पर रोक लगाने के लिए बांका जिला प्रशासन ने विशेष अभियान चलाया है. डीएम अंशुल अग्रवाल के निर्देश पर श्रम अधीक्षक के नेतृत्व में यह कार्रवाई की जा रही है.
Shravani Mela 2026 : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान कांवरिया पथ पर बाल मजदूरी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बांका जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है. डीएम अंशुल अग्रवाल के निर्देश पर श्रम अधीक्षक के नेतृत्व में कांवरिया मार्ग पर लगातार निरीक्षण, जागरूकता और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके.
कांवरिया पथ पर बढ़ी प्रशासन की निगरानी
श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में अस्थायी दुकानें, होटल और ढाबे संचालित होते हैं. ऐसे में बाल मजदूरी की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. श्रम अधीक्षक के नेतृत्व में विभिन्न टीमों द्वारा कांवरिया मार्ग पर नियमित निरीक्षण किया जा रहा है. अभियान का उद्देश्य बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी रोक लगाना और बच्चों को शिक्षा एवं सुरक्षित भविष्य की ओर प्रेरित करना है.
दुकानों और ढाबों में की जा रही जांच
अभियान के तहत कांवरिया पथ पर संचालित होटल, ढाबों, दुकानों, अस्थायी प्रतिष्ठानों और अन्य व्यावसायिक स्थलों का निरीक्षण किया जा रहा है. इस दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम की जानकारी देते हुए कानून का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया जा रहा है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना अपराध
श्रम अधीक्षक ने बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से किसी प्रकार का श्रम कराना कानूनन दंडनीय अपराध है. वहीं 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को भी खतरनाक और जोखिमपूर्ण कार्यों में नियोजित करना पूरी तरह प्रतिबंधित है. प्रशासन ने सभी व्यवसायियों से श्रम कानूनों का पालन करने और बच्चों के अधिकारों का सम्मान करने की अपील की है.
बाल मजदूरी की सूचना देने की अपील
जिला प्रशासन ने दुकानदारों, स्थानीय लोगों और कांवरिया सेवा में लगे स्वयंसेवकों से अपील की है कि वे बच्चों से मजदूरी न कराएं और यदि कहीं भी बाल श्रम होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग या प्रशासन को दें. प्रशासन का कहना है कि श्रावणी मेला के दौरान यह अभियान लगातार जारी रहेगा. इसका उद्देश्य केवल कानून लागू करना ही नहीं, बल्कि समाज में बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सुरक्षित, शिक्षित एवं सम्मानजनक बचपन उपलब्ध कराना भी है.
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लेखक के बारे में
By दीपक चौधरी
दीपक चौधरी प्रिंट माध्यम में 23 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कटोरिया (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.
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