जयपुर में टोटो-ऑटो से स्कूल जा रहे बच्चों की सुरक्षा पर सवाल, ओवरलोडिंग से हादसे का डर बढ़ा

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टोटो पर सवार स्कूली बच्चे. | Prabhat Khabar Network

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कटोरिया प्रखंड में टोटो और ऑटो से स्कूली बच्चों का सफर असुरक्षित हो गया है. तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और चालकों के पास लाइसेंस न होना अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. स्थानीय लोग नियमित जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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कटोरिया प्रखंड के जयपुर थाना क्षेत्र में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. क्षेत्र में पिछले कई महीनों से टोटो और टेंपो के जरिए बच्चों को रोज स्कूल ले जाने और वापस घर पहुंचाने का सिलसिला चल रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी ऐसे वाहनों से बच्चों के साथ हादसे हो चुके हैं. इसके बाद प्रशासन ने छोटे वाहनों से बच्चों को ले जाने पर रोक लगायी थी, लेकिन कुछ समय बाद फिर चोरी-छिपे यह काम शुरू हो गया.

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तेज रफ्तार में ऑटो से गिर चुके हैं बच्चे

खरखुट्टी गांव निवासी मोहन यादव ने बताया कि पहले उनके बच्चे भी इसी चालक के ऑटो से स्कूल जाते थे. एक बार तेज रफ्तार में मोड़ काटने के दौरान बच्चे ऑटो से नीचे गिर गये थे. गनीमत रही कि बच्चे कच्ची जमीन पर गिरे, जिससे बड़ा हादसा टल गया. बच्चों को चोट लगी थी और उनका इलाज कराया गया. इस घटना के बाद से मोहन यादव अपने बच्चों को खुद स्कूल पहुंचाने लगे हैं.

चालक के पास अपना लाइसेंस नहीं होने का दावा

मुर्गी चौक-खरखुट्टी मार्ग पर मिले एक टोटो चालक ने बताया कि वह टेंपो से भी बच्चों को स्कूल पहुंचाता है. चालक के अनुसार उसके पास अपना ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है और वह अपने भाई के लाइसेंस पर वाहन चला रहा है. चालक ने यह भी बताया कि छोटे वाहनों से बच्चों को ले जाने पर प्रशासन की रोक है, इसके बावजूद चोरी-छिपे बच्चों को स्कूल पहुंचाया जा रहा है.

बस हादसे में 55 से 60 बच्चे बाल-बाल बचे थे

स्थानीय लोगों के अनुसार करीब चार महीने पहले 55 से 60 स्कूली बच्चों को लेकर जा रही बस को एक हाइवा ने टक्कर मार दी थी. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गयी थी. हालांकि गनीमत रही कि बस में सवार सभी बच्चे सुरक्षित बच गये. लोगों के अनुसार हादसे में शामिल हाइवा अब भी थाने में मौजूद है.

अभिभावकों को छोटे वाहनों से हादसे का डर

अभिभावकों का कहना है कि बड़े वाहन में होने के कारण पिछले हादसे में बच्चे बच गये, लेकिन टोटो या टेंपो में क्षमता से ज्यादा बच्चों को बैठाकर ले जाना खतरनाक है. उनका कहना है कि हादसा होने पर छोटे वाहन में बैठे बच्चों को गंभीर नुकसान हो सकता है.

नियमित जांच और कार्रवाई की मांग

अभिभावकों ने प्रशासन से स्कूली बच्चों को ढोने वाले टोटो और टेंपो की नियमित जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि क्षमता से ज्यादा बच्चों को बैठाने, बिना जरूरी कागजात वाहन चलाने या नियम तोड़ने वाले चालकों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

स्कूल ने कहा- टोटो से आने की जिम्मेदारी नहीं

संत जोसेफ विद्यालय के डायरेक्टर फादर पोल ने बताया कि उक्त मार्ग पर विद्यालय की अपनी वाहन सेवा भी चलती है. बच्चे उस वाहन से स्कूल आ-जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि टोटो और ऑटो से बच्चों के आने-जाने की जिम्मेदारी विद्यालय की नहीं है.

थानाध्यक्ष ने कहा- जानकारी लेकर होगी कार्रवाई

जयपुर थानाध्यक्ष सुशील राज ने कहा कि बिना उचित बॉडी वाले वाहन में छोटे बच्चों को क्षमता से अधिक संख्या में बैठाकर ले जाना गलत है. उन्होंने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया था. जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच कर जल्द कार्रवाई की जाएगी.

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