बाराहाट में बीबी अफरीदा बनीं 'पैरेंट ऑफ द मंथ' और अशरफ को मिला 'स्टूडेंट ऑफ द मंथ' का खिताब, स्कूल में उत्साह

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फोटो | Prabhat Khabar Network

प्रो. मध्य विद्यालय खड़िहारा उर्दू में 'सीखो और खेलो' थीम पर आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी ने शिक्षा को खेल-खेल में सीखने का माध्यम बनाने पर जोर दिया. बच्चों के सर्वांगीण विकास और शैक्षणिक प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई.

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बाराहाट (बांका). प्रखंड क्षेत्र के प्रो. मध्य विद्यालय खड़िहारा उर्दू में शनिवार को विभागीय निर्देशानुसार "सीखो और खेलो" थीम पर अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों सहित कुल 215 अभिभावकों ने भाग लिया. इस दौरान वर्ग शिक्षकों ने कक्षावार अभिभावकों से सीधा संवाद कर बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, विद्यालय में उपस्थिति और उनके सीखने के स्तर पर विस्तार से चर्चा की.

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खेल-खेल में सीखने से शिक्षा नहीं बनेगी बोझ

प्रधानाध्यापक उमाकांत कुमार ने अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि शिक्षा उनके लिए बोझ न बने.

उन्होंने कहा कि खेल बच्चों में अनुशासन, सहयोग, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मकता का विकास करता है. अभिभावकों से अपील की गई कि वे घर पर भी बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलने और नई चीजों का प्रयोग करने का अनुकूल वातावरण दें.

अभिभावकों से प्रतिदिन दो घंटे बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील

संगोष्ठी के दौरान अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की गई. साथ ही कहा गया कि अभिभावक प्रतिदिन कम से कम दो घंटे बच्चों के साथ बैठकर उनकी पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी लें.

अभिभावकों से बच्चों की स्कूल डायरी नियमित रूप से जांचने और उनकी पढ़ाई की प्रगति पर नजर रखने का भी आग्रह किया गया. कार्यक्रम में बच्चों के मोबाइल फोन के उपयोग को सीमित रखने, स्वच्छता, अनुशासन और समय की पाबंदी के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया.

मिशन निपुण बिहार और स्मार्ट क्लास की उपलब्धियां साझा

विद्यालय में संचालित मिशन निपुण बिहार, स्मार्ट क्लास और गतिविधि आधारित शिक्षण की उपलब्धियों की जानकारी भी अभिभावकों के साथ साझा की गई.

इसके अलावा विद्यालय से बच्चों के ड्रॉपआउट को रोकने के लिए चलाए जा रहे "घर-घर दस्तक, स्कूल तक अभियान" के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई. शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में सहयोग की अपील की.

अफरीदा बनीं पैरेंट ऑफ द मंथ, अशरफ को मिला स्टूडेंट ऑफ द मंथ सम्मान

विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में निरंतर सक्रिय सहयोग के लिए बीबी अफरीदा को "पैरेंट ऑफ द मंथ" से सम्मानित किया गया.

वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्ग 6-ए के छात्र मो. अशरफ को "स्टूडेंट ऑफ द मंथ" के खिताब से सम्मानित किया गया. सम्मान मिलने के बाद दोनों की सराहना की गई.

शिक्षकों और छात्र संगठनों की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक इनाम हसन, मनीष कुमार भगत, सुमन कुमार, मनजीत कुमार, प्रतिभा कुमारी, सुबहान अंसारी, पीयूष कुमार यादव, मसीरा खातून, तलत परवीन, फैयाज आलम और आकाश मंडल की सक्रिय भूमिका रही. इसके अलावा टोला सेवक हसन राजा सहित बाल संसद, इको क्लब और मीना मंच के सदस्यों ने भी कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग किया. कार्यक्रम के अंत में प्रधानाध्यापक उमाकांत कुमार ने सभी अभिभावकों, शिक्षकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया.

 फोटो  | Prabhat Khabar Network
फोटो- छात्र को सम्मानित करते हुए


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