बांका में 15 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट: मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

Updated:
विज्ञापन

फोटो - मौसम की तस्वीर | Prabhat Khabar Network

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बांका के किसानों के लिए विशेष कृषि एडवाइजरी जारी की गई है. मानसूनी बारिश का अधिकतम लाभ उठाने के लिए धान की बुआई और जल निकासी पर ध्यान देने की सलाह दी गई है.

विज्ञापन

मौसम विभाग द्वारा जारी इस पूर्वानुमान को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने बांका के किसानों के लिए विशेष कृषि एडवाइजरी जारी की है. वैज्ञानिकों ने किसानों को इस मानसूनी बारिश का अधिकतम लाभ उठाने और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखते हुए धान की बुआई व रोपनी के कार्य में तेजी लाने की सलाह दी है.

आपके शहर में

विज्ञापन

तापमान में आएगी गिरावट, 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी पछिया हवा

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और मौसम का मिजाज इस प्रकार रहेगा:

  • तापमान: इस अवधि में अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिलेगी.
  • हवा की रफ्तार: जिले में 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछिया हवा चलने का अनुमान जताया गया है.
  • आर्द्रता (ह्यूमिडिटी): हवा में नमी की मात्रा सुबह के समय 90 से 95 प्रतिशत और दोपहर के वक्त 65 से 75 प्रतिशत तक रह सकती है.

धान की इन उन्नत किस्मों की बुआई और रोपनी का सबसे सही समय

कृषि वैज्ञानिकों ने बांका के किसानों को हालिया और आगामी बारिश का फायदा उठाकर खेती-बाड़ी के कार्यों को गति देने को कहा है:

  1. सीधी बुआई व नर्सरी: किसान इस समय धान की उन्नत किस्मों जैसे— सबौर दीप, प्रभात, शुष्क सम्राट और सहभागी की बुआई कर सकते हैं.
  2. बीज उपचार जरूरी: वैज्ञानिकों ने हिदायत दी है कि बुआई से पहले बीजों का कार्बेन्डाजिम (2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से) उपचार अवश्य कर लें. इसके साथ ही 10 से 15 दिन की हो चुकी नर्सरी (बिचड़ा) में समय पर निराई-गुड़ाई करने की सलाह दी गई है.
  3. रोपनी के लिए उपयुक्त किस्में: राजेंद्र नीलम, राजेंद्र कस्तूरी और राजेंद्र श्वेता जैसी मध्यम अवधि की धान की किस्मों की रोपाई शुरू करने के लिए यह सबसे अनुकूल समय है. इसके अलावा किसान सबौर मोती और सबौर सोना जैसी किस्मों की सीधी बुआई भी कर सकते हैं.

जल निकासी की व्यवस्था रखने की अपील

कृषि विशेषज्ञों ने बांका के किसानों से विशेष अपील करते हुए कहा है कि चूंकि जिले में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) की भी आशंका है, इसलिए खेतों में अत्यधिक पानी जमा न होने दें और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम रखें. किसी भी प्रकार के कृषि कार्य को करने से पहले दैनिक मौसम पूर्वानुमान को जरूर देख लें.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन