एक माह शेष, नहीं शुरू हुई तैयारी

Published at :17 Jun 2016 5:30 AM (IST)
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एक माह शेष, नहीं शुरू हुई तैयारी

श्रावणी मेला 2016 . अधिकारियों ने अब तक नहीं किया है निरीक्षण श्रावणी मेला के शुभारंभ की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. महज 33 दिनों बाद कांवरिया पथ पर देश-विदेश के शिवभक्तों का सैलाब उमड़ना शुरू हो जायेगा. लेकिन अब तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारियों ने कांवरिया पथ का निरीक्षण नहीं किया है. कटोरिया […]

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श्रावणी मेला 2016 . अधिकारियों ने अब तक नहीं किया है निरीक्षण

श्रावणी मेला के शुभारंभ की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. महज 33 दिनों बाद कांवरिया पथ पर देश-विदेश के शिवभक्तों का सैलाब उमड़ना शुरू हो जायेगा. लेकिन अब तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारियों ने कांवरिया पथ का निरीक्षण नहीं किया है.
कटोरिया : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के शुभारंभ की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. महज 33 दिनों बाद कांवरिया पथ पर देश-विदेश के शिवभक्तों का सैलाब उमड़ना शुरू हो जायेगा,
लेकिन इस वर्ष अब तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारियों ने कच्ची कांवरिया पथ का एक बार भी निरीक्षण नहीं किया है, जबकि वर्तमान में बाबा के डगर की हालत बद से बदतर है. किसी भी सरकारी धर्मशालों के साफ-सफाई व रंग-रोगन के कार्य का अब तक श्रीगणेश भी नहीं हुआ है. कांवरिया धर्मशाला के बगल स्थित का सरकारी भूखंड तबेला में तब्दील है. यहां भैंस को बांधने, खिलाने व गोबर रखने का कार्य हो रहा है, जबकि इसी स्थल पर प्रत्येक वर्ष श्रावणी मेला का जिला नियंत्रण कक्ष का भव्य पंडाल बनता है.
कटाव के कारण रास्ता हो गया है पथरीला
इस जगह से महज 20 मीटर दूरी पहले स्थित सब-वे में कीचड़युक्त गंदा पानी का जमाव है, जो काफी दुर्गंध दे रहा है. बिना पानी के निकासी की व्यवस्था किये, इस होकर पैदल चलना नामुमकिन है. कच्ची कांवरिया-पथ में बारिश की वजह जगह-जगह मिट्टी का कटाव होने से रास्ता पथरीला हो गया है. कई जगहों पर नुकीला पत्थर बाहर आ गया है. जिसमें पर्याप्त मिट्टी देकर महीन बालू डालने की जरूरत है. नये समानांतर कच्ची पथ में जिलेबिया मोड़, टंगेश्वर, गड़ुआ, दांडी आश्रम, आमाटील्हा, लोहटनिया, अबरखा, तरपतिया, दुल्लीसार, विश्वकर्मानगर,
तुलसीवरण, राजबाड़ा, डुमरिया, कोल्हुआ, देवासी, इनारावरण, भूलभूलैया, गोडि़यारी आदि जगहों पर कई जगह रास्ता की हालत दयनीय हो गयी है. कच्ची पथ के अधिकांश चापाकलों, शौचालयों व स्नानागारों को ससमय उपयोग लायक बनाना भी विभाग के लिए बड़ी चुनौती है. बांका जिला अंतर्गत कांवरिया पथ के जिलेबिया मोड़ धर्मशाला, अबरखा धर्मशाला, इनारावरण धर्मशाला, गोड़ियारी धर्मशाला आदि को ससमय साफ-सफाई व रंग-रोगन कर शिवभक्तों के ठहराव व सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जिला प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी है.
इसके अलावा पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शौचालय, सुरक्षा आदि की सुदृढ़ व्यवस्था भी अत्यावश्यक है. ज्ञात हो कि 20 जुलाई से श्रावणी मेला का शुभारंभ हो रहा है. प्रशासनिक स्तर पर अब तक सिर्फ जिला मुख्यालय में एक बार अधिकारियों की बैठक हुई है. कच्ची पथ पर आला अधिकारियों का काफिला अब तक नहीं घूमा है.
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