परिचर्चा . छात्राओं ने रखी बेबाक राय, कहा-शराबबंदी बिहार के बेहतर भविष्य का संकेत

Published at :08 Apr 2016 3:03 AM (IST)
विज्ञापन
परिचर्चा . छात्राओं ने रखी बेबाक राय, कहा-शराबबंदी बिहार के बेहतर भविष्य का संकेत

राष्ट्रीय फलक पर बढ़ा बिहार का मान राज्य में पूर्ण शराबबंदी के राज्य सरकार के निर्णय का हर ओर स्वागत हो रहा है. महिलाओं में इस निर्णय को लेकर खासा उत्साह और खुशी का माहौल है. प्रभात खबर ने इस सिलसिले में गुरुवार को छात्राओं की राय जाननी चाही. छात्राओं का मानना है शराबबंदी का […]

विज्ञापन

राष्ट्रीय फलक पर बढ़ा बिहार का मान

राज्य में पूर्ण शराबबंदी के राज्य सरकार के निर्णय का हर ओर स्वागत हो रहा है. महिलाओं में इस निर्णय को लेकर खासा उत्साह और खुशी का माहौल है. प्रभात खबर ने इस सिलसिले में गुरुवार को छात्राओं की राय जाननी चाही. छात्राओं का मानना है शराबबंदी का निर्णय एक युगांतरकारी निर्णय है. इससे बिहार की दशा और दिशा एक साथ बदलेगी और यह बेहद रचनात्मक होगी.
बांका : शराबबंदी ने बिहार को राष्ट्रीय फलक पर एक नई प्रतिष्ठा दी है. इस प्रतिष्ठा को कायम रखना सभी बिहारवासियों का परम दायित्व है. स्थानीय एमयूसीसी में तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं ने अपने-अपने तरीके से शराबबंदी के निर्णय पर बेबाक राय रखी. परिचर्चा में एमयूसीसी के निदेशक राजिक राज ने सहयोग किया.
कुमारी लालसा ने कहा शराब पर खर्च होने वाला पैसा अब बचेगा. लोग इसे अपने बच्चों की शिक्षा पर लगायेंगे. इससे बिहार शिक्षित होगा. शराबबंदी एक ऐतिहासिक फैसला है. जिसका सभी स्वागत करते हैं. रेशु कुमारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की एक खास वजह नशाखोरी रही है. शराबबंदी के बाद लोग नशे में वाहन नहीं चलायेंगे तो दुर्घटनाएं कम होगी. लोगों के जानमाल की रक्षा होगी. आरती कुमारी ने कहा कि शराब मुक्त बिहार मतलब स्वस्थ बिहार. शराब इसके लती का स्वास्थ्य नष्ट कर रहा था. अब जबकि लोग शराब नहीं पियेंगे तो उनका स्वास्थ्य भी जाहिर है, बेहतर रहेगा.
रागिनी कुमारी ने कहा कि शराब का नशा परिवारों और समाज को तोड़ रहा था. शराबबंदी से सामाजिक और पारिवारिक विघटन पर रोक लगेगी. नशे की वजह से होने वाली दुर्घटनाएं अब कम होगी. तान्या कुमारी का कहना है कि शराब से अच्छे – अच्छे परिवार विखर गये. घरेलू हिंसा ने परिवारों को तोड़ दिया. सामाजिक सौहार्द नष्ट हो रहा था. शराबबंदी के बाद अब इन स्थितियों पर विराम लगेगा. मनीषा कुमारी ने कहा शराबबंदी के साथ इसे नियंत्रित करने हेतु कानून बने हैं लेकिन अब भी लो चोरी छिपे शराब पी रहे हैं. कानून का समेकित क्रियान्वयन हो. शराब की आमद रोकने की व्यवस्था हो.
कानून के साथ शराब को लेकर जागरूकता भी जरूरी है. लवली कुमारी ने कहा शराबबंदी से हिंसा और अपराध रूकेगा. समाज में शांति और भाई चारे का वातावरण बनेगा. पूजा कुमारी ने कहा शराबबंदी से बिहार को आर्थिक क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी. अपराध व हिंसा का माहौल बदलेगा. लोग खुशहाल होंगे. सुगंधा कुमारी ने कहा कि शराब समाज को बर्बाद कर रहा था. खुलेआम शराब पीकर हंगामा अब लोग नहीं कर सकेंगे. यह राज्य के भविष्य के लिए एक शुभ संकेत है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन