डांड़ खुदाई के नाम पर जमुआ पंचायत में नौ लाख का गबन
Author Prabhat khabar digital desk
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बांका : एक तरफ जल संरक्षण के लिए शासन-प्रशासन योजनाएं ला रही है, वहीं दूसरी तरफ स्वीकृत योजना की आड़ में सरकारी राशि गबन का खेल भी अंदर-अंदर चल रहा है. जी हां, प्रखंड क्षेत्र के जमुआ पंचायत में मनरेगा के तहत स्वीकृत डांड़ खुदाई का करीब नौ लाख राशि को चपत लग गया. डांड़ […]
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बांका : एक तरफ जल संरक्षण के लिए शासन-प्रशासन योजनाएं ला रही है, वहीं दूसरी तरफ स्वीकृत योजना की आड़ में सरकारी राशि गबन का खेल भी अंदर-अंदर चल रहा है. जी हां, प्रखंड क्षेत्र के जमुआ पंचायत में मनरेगा के तहत स्वीकृत डांड़ खुदाई का करीब नौ लाख राशि को चपत लग गया. डांड़ की खुदाई व सफाई नहीं होने की वजह से किसान परेशान हैं.
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स्थानीय कई किसानों ने दबी जुबान से योजना की जानकारी देते हुए मुखिया व वार्ड सदस्य पर इसका ठिकरा फोड़ा. स्थल पर जाने के बाद इसका सबूत भी मिल जाता है. जानकारी के अनुसार 19 नवंबर 2018 को करीब नौ लाख 95 हजार 200 रुपये की राशि से जमुआ जोर से साहेब महतो खेत तक डाड़ की खुदाई की स्वीकृति दी गयी है.
परंतु योजना स्वीकृति होने के बाद काम के बजाय महज कागजी खानापूर्ति कर सारी राशि निकासी कर ली गयी. किसानों ने बताया कि इस डाड़ से करीब 5000 एकड़ खेत का पटवन होता है. परंतु डांड़ सही नहीं होने की वजह से पानी की निकासी सही ढंग से नहीं हो रहा है. वहीं शीतलपुर के निकट एक छिटका बना हुआ है. इसकी भी मरम्मती करनी थी, वह भी जैसे-तैसा पड़ा है. लिहाजा, पानी रोकने का कोई मजबूत सुविधा उपलब्ध नहीं है.
कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में बीडीओ विजय चंद्रा ने कहा कि मनरेगा का कार्य पीओ के अधीन है. मामले की जांच के लिए संबंधित पीओ को निर्देशित किया गया है. मनरेगा सहित किसी भी योजना में गबन गैर कानूनी है. जांच में अगर दोषी पाया गया तो निश्चित रूप से दंडित होंगे. साथ ही प्राथमिकी दर्ज कर राशि की वसूली की जायेगी.
कहते हैं पीओ व मुखिया
इस संबंध में मनरेगा पीओ उमेश सिंह ने बताया है कि मामला मेरे योगदान देने के पूर्व का है. फिर भी मामले की जांच की जायेगी. अनियमितता पाये जाने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही की जायेगी. वहीं पंचायत के मुखिया बजरंगी महतो ने बताया है कि योजना में कोई धांधली नहीं हुई है. चार माह पूर्व में डांड़ की खुदाई की गयी है. छिटका निर्माण कार्य अभी बाकी है.
जांच के बाद पकड़ी जा सकती है चोरी
ग्रामीणों के मुताबिक अगर सही समय पर जांच हो जाये तो चोरी पकड़ी जा सकती है. आवंटित राशि नौ लाख 95 हजार 200 रुपये की योजना में से प्राक्कलित राशि चार लाख 97 हजार 600 रुपये है. दैनिक मजदूरी का दर 177 रुपया है. मानव दिवस 2090 पर तीन लाख 69हजार 930 रुपये खर्च करने थे. सामग्री में एक लाख 27 हजार 270 रुपया दिया गया था. डांड़ की कुल लंबाई 2540 फीट है.
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