खुद की संपत्ति जोगने में फिसड्डी साबित हुआ बांका का कृिष फार्म

Published at :08 Jun 2018 4:48 AM (IST)
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खुद की संपत्ति जोगने में फिसड्डी साबित हुआ बांका का कृिष फार्म

राजकीय बीज गुणन क्षेत्र रख-रखाव के आभाव में बनता जा रहा है चारागाह सिंचाई से लेकर कर्मी तक का भारी आभाव बांका : कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए नवीनतम प्रयोग जारी है. किसानों के हाथ मजबूत करने के लिए योजनाओं का अंबार लगा हुआ है. परंतु, कृषि विभाग खुद की संपत्ति को जोगने में […]

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राजकीय बीज गुणन क्षेत्र रख-रखाव के आभाव में बनता जा रहा है चारागाह

सिंचाई से लेकर कर्मी तक का भारी आभाव
बांका : कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए नवीनतम प्रयोग जारी है. किसानों के हाथ मजबूत करने के लिए योजनाओं का अंबार लगा हुआ है. परंतु, कृषि विभाग खुद की संपत्ति को जोगने में फिसड्डी साबित हो रही है. राजकीय बीज गुणन प्रक्षेत्र (कृषि फार्म) की स्थिति आज काफी दुखद मालूम पड़ रही है. इसकी हालत देख कुछ वर्षों पहले विकसित व हरा-भरा कृषि फार्म को याद करते हुए किसान का दिल कचोट उठता है. मौजूदा समय में कृषि प्रक्षेत्र के बने गोदाम खंडहर का रूप ले लिया है. जो भी जमीन शेष है उसपर केवल घास-फूस उपजे पड़े हैं.
वाकई, कृषि विभाग अपनी तेज रफ्तार के बीच बीज उत्पादन का मुख्य केंद्र को धोखा दे रही है. जानकारी के मुताबिक पूरे जिले में राजकीय बीज गुणन प्रक्षेत्रों की संख्या आठ है. इसके अलावा एक जिला प्रक्षेत्र भी है.
राजकीय बीज गुणन प्रक्षेत्र कभी 103.13 हेक्टेयर भू-भाग में फैला हुआ करता था. आज यह सिमट कर महज 60 हेक्टेयर पर आ गया है. परंतु अब भी कृषि विभाग इसे मजबूत रूप देने में काफी पीछे छूट रहे हैं. बांका स्थित 10 एकड़ बीज गुणन प्रक्षेत्र को बानगी के तौर पर प्रस्तुत करें तो यह अब महज 1.6 हेक्टेयर में है. रेलवे व जिला प्रशासन के बीच जमीन बंट गयी. कृषि फार्म में बने गोदाम खंडहर हो गया है. जबकि शेष बची जमीन भी बेकार पड़ी हुई है. शर्मिंदगी की बात यह है कि विभाग इसकी देखरेख करने के बजाय अब बीज उत्पादन तक का लक्ष्य नहीं दे रही है. जबकि अन्य प्रखंडों में स्थापित कृषि फार्म की बात करें तो सभी की हालत पस्त पड़ी है. कागजी तौर पर लक्ष्य जरूर दमखम के साथ दिखाये जाते हैं. परंतु, जमीनी हकीकत काफी पीड़ादायक है.
कहीं अतिक्रमण तो कहीं विभागीय निर्माण में बंट गयी फार्म की जमीन : राजकीय बीज गुणन प्रक्षेत्र की भू-संपदा सरकारी निर्माण कार्य में अधिक बंट गयी. रजौन प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कल्याणपुर व शंभुगंज स्थित कृषि फार्म की जमीन भी अतिक्रमणकारियों की भेंट चढ़ गयी है. जबकि अन्य फार्म की ज्यादातर जमीन पर पोखर व भवन का निर्माण हुआ है. कृषि योग्य भूमि केवल 60 हेक्टेयर के आसपास बची है. कृषि विभाग ने इस संबंध में उच्च-स्तरीय विभाग को भी जानकारी दी है. ज्ञात हो कि बीज गुणन प्रक्षेत्र में उत्पादित बीज को बीज निगम में बेचा जाता है. संबंधित बीज को किसान के बीच वितरित किया जाता है.
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