औरंगाबाद: कुटुंबा के डुमरी प्लस-टू विद्यालय को मिली नई पहचान, सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय का शुभारंभ

Author Ambuj kumar|Edited by Vivek Ranjan
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फीता काटकर उद्घाटन करते विधायक ललन राम  विधायक को सम्मानित करते प्रधानाध्यापक व अन्य  | Prabhat Khabar Network

फीता काटकर उद्घाटन करते विधायक ललन राम विधायक को सम्मानित करते प्रधानाध्यापक व अन्य | Prabhat Khabar Network

डुमरी स्थित प्लस-टू विद्यालय अब सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय के रूप में जाना जाएगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा ऑनलाइन उद्घाटन के बाद, विधायक ललन राम ने स्थानीय स्तर पर विधिवत शुभारंभ किया. यह पहल ग्रामीण छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करेगी.

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Aurangabad News: कुटुंबा प्रखंड के डुमरी स्थित प्लस-टू विद्यालय को अब सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय के रूप में नई पहचान मिल गई है. रविवार को बिहार सरकार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी द्वारा ऑनलाइन उद्घाटन किया गया. इसके बाद स्थानीय स्तर पर विद्यालय परिसर में समारोह आयोजित कर विधिवत शुभारंभ किया गया.

विधायक ललन राम ने फीता काटकर किया उद्घाटन

स्थानीय कार्यक्रम में विधायक ललन राम ने अपने प्रतिनिधि सौरभ पाठक, सुबोध वैद्य, भीम सिंह, प्लस-टू विद्यालय कुटुंबा के प्रधानाध्यापक डॉ. रामकिशोर, डुमरी विद्यालय के प्रधानाध्यापक धनंजय कुमार और दुलारे पंचायत के मुखिया बिजेंद्र यादव के साथ संयुक्त रूप से फीता काटकर विद्यालय का उद्घाटन किया.

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने विधायक को सम्मानित किया.

ग्रामीण छात्रों को मिलेगी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ललन राम ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, संस्कारयुक्त और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है. आदर्श विद्यालय की अवधारणा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.

उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने का अवसर मिलेगा. उन्होंने छात्रों से नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने की अपील की.

सर्वांगीण विकास पर रहेगा विशेष जोर

कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे प्रधानाध्यापक धनंजय कुमार ने बताया कि सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय में शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखा जाएगा. विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जाएगी.

उन्होंने बताया कि विद्यालय में नियमित रूप से योग, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नैतिक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने वाली गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. आधुनिक शिक्षण पद्धति के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जाएगा.

भारतीय संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी का दिया जाएगा ज्ञान

शिक्षकों ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान, आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है, ताकि वे भविष्य में समाज और राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बन सकें.

बच्चों में दिखा उत्साह

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे. नए स्वरूप में विद्यालय की शुरुआत को लेकर छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह देखा गया. कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने किया.

इस अवसर पर दिनेश प्रसाद, धनिक ठाकुर, राजेश कुमार सिंह, डिंपल कुमारी, सतीश कुमार, सुजाता कुमारी, उज्ज्वल त्रिपाठी, प्रबंध समिति सदस्य चंद्रशेखर प्रसाद गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे.

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