DM अभिलाषा शर्मा का बड़ा एक्शन: औरंगाबाद के 684 आंगनबाड़ी केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण, नपेंगे लापरवाह संचालक

Updated:
विज्ञापन

आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच करते अधिकारी | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर औरंगाबाद में 684 आंगनबाड़ी केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया. निरीक्षण में शौचालय, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की गहन पड़ताल की गई.

विज्ञापन

Aurangabad News: जिले में संचालित बाल विकास सेवाओं को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बुधवार को बड़ा कदम उठाया. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के कड़े निर्देश पर जिले के सभी प्रखंडों में किराये के निजी भवनों में चल रहे कुल 684 आंगनबाड़ी केंद्रों का एक साथ सघन स्थलीय निरीक्षण किया गया. केंद्रों के सुचारु संचालन, विभागीय मानकों के अनुपालन और बच्चों को मिल रही मूलभूत सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिला स्तरीय पदाधिकारियों को वरीय दंडाधिकारी तथा प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को सहायक दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त कर मैदान में उतारा गया था.

विज्ञापन

शौचालय, पेयजल और बिजली व्यवस्था की गहन पड़ताल

प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों ने अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में पहुंचकर केंद्र संचालन और बुनियादी ढांचे की बारीकी से जांच की:

  • मूलभूत सुविधाओं का जायजा: केंद्रों पर बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल, चालू शौचालय, पंखे-बिजली की उपलब्धता, साफ-सुथरे किचन और पोषण आहार निर्माण की स्थिति परखी गई.
  • एकरारनामा की शर्तों की जांच: यह सुनिश्चित किया गया कि भवन स्वामी और विभाग के बीच हुए रेंट एग्रीमेंट (एकरारनामा) के तय मापदंडों के अनुसार ही केंद्र संचालित हो रहे हैं या नहीं.
  • बच्चों से सीधा संवाद: निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्रों पर मौजूद नौनिहालों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और मिलने वाली दैनिक सुविधाओं का फीडबैक लिया.
आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच करते अधिकारी  | Prabhat Khabar Network
आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच करते अधिकारी | Prabhat Khabar Network

फोटो-वीडियो साक्ष्य के साथ तलब की गई रिपोर्ट

जिलाधिकारी ने जांच प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए थे.

"निरीक्षण के दौरान यदि किसी केंद्र पर विभागीय गाइडलाइन के उल्लंघन, साफ-सफाई में लापरवाही या निर्धारित मानकों के अनुपालन में कोई भी कमी पाई जाती है, तो जांच अधिकारी उसका विस्तृत ब्योरा अपनी रिपोर्ट में दर्ज करें. स्थलीय सत्यापन के दौरान फोटोग्राफ एवं वीडियो क्लिप बतौर साक्ष्य संकलित किए गए हैं, ताकि रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके." — जिला प्रशासन, औरंगाबाद

Also Read: औरंगाबाद: हर जिले में बने डिजिटल और हाई-सिक्योरिटी परीक्षा केंद्र, शंभू कुमार ने पीएम समेत बड़े अधिकारियों को भेजा पत्र

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन