औरंगाबाद: बारुण में BLBC की बैठक, 834.07 करोड़ के ऋण लक्ष्य की धीमी रफ्तार पर बैंकों को दिए सख्त निर्देश

Updated:
विज्ञापन

बैठक में शामिल एलडीएम व अन्य | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

बारुण प्रखंड स्तरीय बैंकर्स समिति (BLBC) की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 834 करोड़ रुपये के ऋण वितरण लक्ष्य की पहली तिमाही की धीमी प्रगति पर चिंता जताई गई. बैंकों को सीडी रेशियो में सुधार के सख्त निर्देश दिए गए हैं.

विज्ञापन

Aurangabad News: जिले के बारुण प्रखंड कार्यालय सभागार में बुधवार को प्रखंड स्तरीय बैंकर्स समिति (बीएलबीसी) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) नंद किशोर प्रसाद चौधरी ने की. इस बैठक में प्रखंड क्षेत्र के सभी वाणिज्यिक एवं ग्रामीण बैंकों के शाखा प्रबंधक, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ), नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम), जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के प्रतिनिधि, जीविका के बीपीएम, सीएफएल स्वाधार के प्रतिनिधि और आरसेटी (RSETI) के निदेशक उपस्थित रहे.

विज्ञापन

834 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष प्रथम तिमाही की प्रगति असंतोषजनक

अग्रणी जिला प्रबंधक ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के वार्षिक ऋण योजना (एसीपी) के लक्ष्यों का ब्योरा प्रस्तुत करते हुए बताया:

  • वार्षिक लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बारुण प्रखंड का कुल ऋण वितरण लक्ष्य 834.07 करोड़ रुपये निर्धारित है.
  • प्रथम तिमाही की उपलब्धि: प्रथम तिमाही में तय 208.50 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध बैंक केवल 117.76 करोड़ रुपये का ऋण वितरित कर सके.
  • सीडी रेशियो सुधारने की हिदायत: एलडीएम ने प्रथम तिमाही के प्रदर्शन को असंतोषजनक करार देते हुए शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिया कि वे सितंबर तिमाही के अंत तक ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) को कम से कम 50 प्रतिशत तक अवश्य पहुंचाएं.

सामाजिक सुरक्षा और स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा

समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) में बैंकों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की गई. वहीं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई:

  • पीएम सूर्य घर व पीएमएफएमई: रूफटॉप सोलर और सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए आवेदनों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए.
  • लखपति दीदी व स्वयं सहायता समूह (SHG): जीविका दीदियों के क्रेडिट लिंकेज और 'लखपति दीदी' योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु ऋण स्वीकृति में तेजी लाने को कहा गया.
  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): वास्तविक किसानों तक केसीसी का लाभ सुनिश्चित करने पर बल दिया गया.

कृषि अवसंरचना और प्रशिक्षित युवाओं को प्राथमिकता

बैठक में नाबार्ड के डीडीएम ने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), कोल्ड स्टोरेज, ग्रामीण गोदामों और अन्य कृषि अवसंरचना परियोजनाओं में ऋण प्रवाह बढ़ाने का आह्वान किया, ताकि क्षेत्र के किसानों की आय में वृद्धि हो सके. आरसेटी के निदेशक ने बैंकों से अपील की कि संस्थान से विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके युवाओं के ऋण आवेदनों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए.

एलडीएम ने अंत में बैंकों को आगाह किया कि डिजिटल बैंकिंग के विस्तार के साथ-साथ शाखा स्तर पर ग्राहकों को साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए निरंतर वित्तीय साक्षरता व जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं.

Also Read: रफीगंज-भदवा रोड पर धावा नदी का पानी पुल के ऊपर पहुंचा, प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन