चोरी-छिपे हो रहा बालू उठाव
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :12 Feb 2016 2:20 AM (IST)
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औरंगाबाद (सदर) : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के बावजूद जिले के विभिन्न नदी घाटों से बालू का उठाव जारी है. एनजीटी के आदेश और पर्यावरण स्वीकृति के बिना बालू का उठाव गैर कानूनी रूप से किया जा रहा है. सरकार ने खनन विभाग के पदाधिकारियों के अलावा डीएम व एसपी को एनजीटी के […]
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औरंगाबाद (सदर) : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के बावजूद जिले के विभिन्न नदी घाटों से बालू का उठाव जारी है. एनजीटी के आदेश और पर्यावरण स्वीकृति के बिना बालू का उठाव गैर कानूनी रूप से किया जा रहा है.
सरकार ने खनन विभाग के पदाधिकारियों के अलावा डीएम व एसपी को एनजीटी के आदेश का पालन करने का निर्देश दिया है, लेकिन गुरुवार को आदेश का उल्लंघन करते हुए कारोबारियों ने कई घाटों से चोरी-छिपे बालू का उठाव किया. एनजीटी के आदेश के बाद प्रशासन व बालू व्यवसायियों के बीच आंख-मिचौनी का खेल शुरू हो गया है. बताते चलें कि बालू खनन पर रोक लगने के बाद जिले में सरकारी एवं गैर सरकारी निर्माण कार्य बाधित हो गये हैं. ऐसे में चोरी-छिपे बेचे जा रहे बालू की कीमत बढ़ा दी गयी है.
सीमेंट व छड़ व्यवसाय भी होगा प्रभावित
बालू उठाव पर रोक लगने के बाद एक तरफ निर्माण कार्य तो बाधित हो गया है, तो दूसरी तरफ छड़ व सीमेंट के व्यवसाय भी प्रभावित होंगे. छड़ व सीमेंट व्यवसायी मनोज सिंह ने बताया कि बालू उठाव पर रोक लगाये जाने से जिले में चल रहे सभी निर्माण कार्य बंद हो जायेंगे, जिससे छड़ व सीमेंट व्यवसायियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.
कैसे मालूम होगा कि चोरी का है बालू
जिन कारोबारियों ने पहले से बालू स्टॉक कर रखा है, उनकी तो एनजीटी के आदेश के बाद चांदी कटनेवाली है. क्योंकि, बालू उठाव नहीं होने की स्थिति में इसकी कमी होगी और निर्माण कार्य करा रहे लोग चाहेंगे कि उनका काम बालू के कारण न बंद पड़े. ऐसे में वैसे बालू व्यवसायी, जो स्टॉकिस्ट हैं, वे ऊंचे दाम पर बालू बेचेंगे.
कुछ लोगों का यह भी मानना है कि बालू व्यवसायी जिला प्रशासन को धोखा भी दे सकते हैं. उधर, चोरी कर लाये गये बालू को स्टॉक का माल बता कर बालू बेचने वाले चालाक व्यवसायियाें की कोई कमी नहीं है. पहले भी बालू पर रोक लगने पर ये व्यवसायी चोरी के बालू को स्टॉक का माल बता कर ऊंचे दाम पर बेच चुके हैं. ऐसे में भवन आदि बना रहे आमलोगों व ठेकेदारों को बालू खरीदने में पसीना छूट गया था. इस बार भी आमलोगों पर बालू के मूल्य में वृद्धि होने से पहाड़ सा टूटने वाला है. इस स्थिति में ज्यादातर निर्माण कार्य बंद होने की संभावना जतायी जा रही है.
नदी घाटों का जायजा लेते रहे प्रशासनिक अधिकारी
गुरुवार को जिला प्रशासन के पदाधिकारी बालू खनन पर रोक के बाद विभिन्न बालू घाटों का जायजा लेते रहे. सूत्रों ने बताया कि प्रशासन के निरीक्षण के बाद पूर्व से ताक लगाये बैठे कारोबारी बालू का उठाव करते रहे. लुका-छिपी का खेल खेलने में माहिर बालू व्यवसायी प्रशासन को चकमा देने में सफल रहे. सूत्र यह भी बताते हैं कि निर्माण कार्य में लगी कंपनियों व भवन मालिक ब्लैक में भी बालू खरीदने में पीछे नहीं हैं. वे अपना काम बंद नहीं करना चाहता. ऐसी स्थिति में बालू व्यवसायियों की चांदी कटेगी.
बालू चोरी पकड़े जाने पर होगी कार्रवाई
खनन विभाग के पदाधिकारी मोहम्मद रेयाजुद्दीन ने बताया कि गुरुवार को विभिन्न नदी घाटों का जायजा लिया गया, लेकिन कहीं भी बालू उठाव करते व्यवसायी नहीं दिखे. कहीं से भी अगर इसकी जानकारी मिलती है, तो संबंधित व्यवसायी पर कार्रवाई की जायेगी. वाहन भी जब्त किये जायेंगे. बालू खनन को रोकने के लिए जिला प्रशासन सख्त है
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