प्रशक्षिु शक्षिकों को तीन प्राध्यापक दे रहे प्रशक्षिण

Published at :27 Nov 2015 6:52 PM (IST)
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प्रशक्षिु शक्षिकों को तीन प्राध्यापक दे रहे प्रशक्षिण

टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में प्राध्यापकों कमी से हो रही परेशानी (फोटो नंबर-19)कैप्शन- वर्ष 1903 प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय(कैंपस पेज के लिये) औरंगाबाद (नगर) शहर के प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय की स्थिति काफी खराब है. शहर के शाहपुर मुहल्ले में वर्ष 1903 में शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाने की उम्मीद के साथ इस महाविद्यालय को […]

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टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में प्राध्यापकों कमी से हो रही परेशानी (फोटो नंबर-19)कैप्शन- वर्ष 1903 प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय(कैंपस पेज के लिये) औरंगाबाद (नगर) शहर के प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय की स्थिति काफी खराब है. शहर के शाहपुर मुहल्ले में वर्ष 1903 में शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाने की उम्मीद के साथ इस महाविद्यालय को विभाग द्वारा खोल दिया गया था. लेकिन, आज उसके मुताबिक संसाधनों की घोर कमी है. इस महाविद्यालय में जिले ही नहीं बल्कि पूरे राज्यों के सैकड़ों प्रशिक्षु शिक्षकों काे यहां प्रशिक्षण दिया जाता था. लेकिन, आज इसकी संख्या घटने लगी है. इस महाविद्यालय में टीचिंग व नन टीचिंग का प्रशिक्षण दिया जाता है. लेकिन, इनकी संख्या के मुताबिक प्राध्यापकों की संख्या कम है. इससे प्रशिक्षण देने में परेशानी हो रही है. टीचिंग व नन टीचिंग शिक्षकों को यहां दो साल से प्रशिक्षण दिया जा रहा है. लेकिन, प्राध्यापकों की संख्या काफी कम है. इससे प्रबंधन के साथ-साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षकों की भी परेशानी हो रही है. यहां विषयवार प्राध्यापकों की संख्या होनी चाहिए थी. लेकिन, आज जितने रिक्त पद हैं उतना भी नहीं है. मात्र तीन प्राध्यापकों के भरोसे सैकड़ों शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. विभाग को दिया गया है आवेदन इस महाविद्यालय में प्राध्यापकों की कमी है. इससे प्रशिक्षण के दौरान काफी परेशानी होती है. प्राध्यापकों की कमी के कारण एक विषय के प्राध्यापकों कई विषयों का प्रशिक्षण देते हैं. इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर भी खासा असर पड़ता है. जब प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु शिक्षक को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण नहीं दी जायेगी तो वे अपने विद्यालयों में बच्चों को किस तरह से पढ़ा पायेंगे. महाविद्यालय में प्राध्यापकों का पद नौ है. लेकिन, अभी तीन ही नियुक्त हैं. बाकि छह पद खाली है. इसके लिये कई बार आवेदन विभाग को दिया गया है. लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गयी है. प्राचार्य ने बताया कि कला एवं योग के एक भी प्राध्यापक नहीं है. सुषमा जायसवाल, प्राचार्या, टीचर ट्रेनिंग कॉलेज

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