दवा दुकानदारों की हड़ताल का दिखा असर, जेनरिक दुकानों पर रही भीड़
Author Prabhat khabar digital desk
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औरंगाबाद कार्यालय : विभागीय उत्पीड़न के साथ-साथ अन्य मांगों को लेकर औरंगाबाद डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन का तीन दिवसीय बंद का पहले दिन जर्बजस्त असर रहा. जिलेभर के दवा दुकानदार हड़ताल पर रहे और दुकानें बंद रही. लेकिन, देर रात एसोसिएशन की हड़ताल समाप्त हो गयी. पूर्व की अपेक्षा अस्पतालों में भी रोगियों की […]
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औरंगाबाद कार्यालय : विभागीय उत्पीड़न के साथ-साथ अन्य मांगों को लेकर औरंगाबाद डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन का तीन दिवसीय बंद का पहले दिन जर्बजस्त असर रहा. जिलेभर के दवा दुकानदार हड़ताल पर रहे और दुकानें बंद रही. लेकिन, देर रात एसोसिएशन की हड़ताल समाप्त हो गयी. पूर्व की अपेक्षा अस्पतालों में भी रोगियों की संख्या कम ही दिखी,लेकिन बंद से सदर अस्पताल सहित जिले भर के प्रखंड मुख्यालयों के पीएचसी पर कोई खासा असर नहीं दिखा.
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हालांकि बंद का पहला दिन होने के कारण पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई. व��से दवा दुकानों पर मरीज पर्ची लेकर पहुंचे रहे और लौटते रहे. सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों ने बंद से परेशानी का हवाला जरूर दिया. अब देखना यह है कि गुरुवार व शुक्रवार के बंदी का क्या असर दिखता है.
सदर अस्पताल में जेनरिक दुकानों पर मरीजों की भीड़ रही. अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों के अलावे बाहरी मरीज भी दवा खरीदते नजर आये.ज्ञात हो कि दवा दुकानदारों ने तीन दिनों के बंद का आवाहन किया है. एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
अभी तो तीन दिनों का बंद है आगे भी इस पर विचार किया जायेगा. एसोसिएशन के अध्यक्ष बैजनाथ प्रसाद ने बताया कि पूरे जिले में लगभग 1200 दवा दुकानें है जो सभी के सभी बंद रहे. जब तक सरकार व विभाग उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं करती है,तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे.
दवा दुकानदारों को निरीक्षण के नाम पर प्रताड़ित किया जाता है.सरकार को चाहिए की दुकानदारों के सहूलियत के लिए उपाय ढूंढे. वैसे भी हजारों परिवारों के रोजी-रोटी का सवाल है.
रफीगंज . नगर पंचायत क्षेत्र में संचालित सभी दवा दुकानदारों ने अपनी मांगों को लेकर दुकाने बंद रखी. ड्रग एशोसिएशन के सदस्यों ने घूम- घूमकर बंद का निगरानी किया. दवा दुकाने बंद होने से सैकड़ों मरीजो को काफी परेशानी हुई. दवा के लिए लोग इधर -उधर भटकते नजर आए.
एशोसिएशन के प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार एवं सचिव राजीव कुमार ने बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र में 55 लाइसेंसी दवा दुकाने संचालित होती है जो बिल्कुल बंद रही. वही कूछ अनाधिकृत दवा दुकाने खुली रही जिसे भी बंद कराने का प्रयास किया गया.
एशोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि फार्मासिस्ट के समस्या का जब तक सरकार द्वारा समाधान नहीं होगा तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी. अधिकारियों का उत्पीड़न एवं सरकार की गलत दवा नीति का शिकार हम सभी दवा दुकानदार हो रहें हैं . ऐसे में हमलोग समस्याओं के समाधान की मांग के समर्थन में तीन दिन लगातार अपनी -अपनी दुकानें बंद रखेंगे.
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