यहां चैलेंज लगा कर खतरनाक कुएं में कूदते हैं युवक व बच्चे
Author Prabhat khabar digital desk
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लगातार हादसे के बाद भी नहीं मिल रहा सबक कुआं मालिक के मना करने के बाद भी नहीं पड़ता कोई फर्क औरंगाबाद कार्यालय : जिंदगी मौत न बन जाये… शायद इस छोटे से लाइन की अहमियत तस्वीरों में दिख रहे इन युवाओं को नहीं पता है, वरना ये कभी जान की बाजी नहीं लगाते. सबसे […]
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लगातार हादसे के बाद भी नहीं मिल रहा सबक
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कुआं मालिक के मना करने के बाद भी नहीं पड़ता कोई फर्क
औरंगाबाद कार्यालय : जिंदगी मौत न बन जाये… शायद इस छोटे से लाइन की अहमियत तस्वीरों में दिख रहे इन युवाओं को नहीं पता है, वरना ये कभी जान की बाजी नहीं लगाते. सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इनके अभिभावकों की कोई जिम्मेदारी है या नहीं. अगर अभिभावक अपने बच्चों पर गंभीरता से ध्यान देते, तो शायद चैलेंज लगाने की जरूरत नहीं पड़ती. तस्वीरों में जो दृश्य है, वह बेहद खतरनाक है. जरा सी चूक जान ले सकती है. टंडवा पंचायत के शेखपुरा गांव के एक बीस फुटे गहरे कुएं में गांव के युवक (इनमें बच्चे भी) पानी भरे कुएं में हर दिन बाजी लगाकर कूदते हैं. पता चला कि लगभग 60 फुट गहरे इस कुएं में अभी जलस्तर 20 फीट के करीब है. कुएं का मालिक हर दिन करतब दिखाने वाले बच्चों को मना भी करता है, पर उसकी कोई नहीं सुनता.
स्थिति यह है कि कुएं में करतब दिखाने का सिलसिला अभी भी जारी है. सुबह से शाम तक युवकों का झुंड वहां पहुंचता है और एक-एक कर अलग-अलग एक्शन में बच्चे कुएं में छलांग लगाते हैं. हालांकि 20 से 25 वर्ष के युवा भी इसमें शामिल हैं,पर इनकी सनक के आगे हर कोई बेबस है. सवाल यह उठता है कि अगर कोई हादसा हो जाये, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. ज्ञात हो कि औरंगाबाद में सिर्फ इस बरसात के मौसम में तालाब,आहर और नदियों में डूबने से लगभग एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है.
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