ओबरा के लोगों को नहीं मिल रहा शुद्ध पेयजल पांच वर्षों से बंद है जलापूर्ति

ओबरा : प्रखंड परिसर स्थित पीएचईडी द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से बना जलमीनार पांच वर्षों से बंद है. पीएचईडी विभाग के पदाधिकारियों की उदासीनता रवैये के कारण यह स्थिति बनी है. कई वर्ष पूर्व तत्कालीन पीएचईडी मंत्री व वर्तमान कृषि मंत्री प्रेम कुमार द्वारा लगभग एक करोड़ की लागत से जलमीनार का निर्माण कराया […]
ओबरा : प्रखंड परिसर स्थित पीएचईडी द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से बना जलमीनार पांच वर्षों से बंद है. पीएचईडी विभाग के पदाधिकारियों की उदासीनता रवैये के कारण यह स्थिति बनी है. कई वर्ष पूर्व तत्कालीन पीएचईडी मंत्री व वर्तमान कृषि मंत्री प्रेम कुमार द्वारा लगभग एक करोड़ की लागत से जलमीनार का निर्माण कराया गया था. ओबरा के लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए यह कार्य कराया गया था, लेकिन जलमीनार से पानी सप्लाई करने के लिए लगाये गये पाइप क्षतिग्रस्त हो गया है,
जिसके कारण पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है. जलमीनार कार्यालय में ऑपरेटर के पद पर एक कर्मी रामशरीफा यादव की पदस्थापना की गयी है. कार्यालय हमेशा बंद रहता है, लेकिन विभाग द्वारा कोई देखरेख नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण जलमीनार पूर्ण रूप से हाथी की दांत की तरह दिखावा साबित हो रहा है.
स्थानीय अनिल मालाकार, बुद्धिजीवी कमलेश कुमार विकल, पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा कांत शर्मा, व्यापार मंडल अध्यक्ष गिरिश शर्मा, भाकपा माले नेता मुनारिक राम, पूर्व मुखिया शंभु प्रसाद, गोविंद अग्रवाल, सुबोध अग्रवाल का कहना है कि गर्मी के मौसम में ओबरावासियों को शुद्ध पेयजल नहीं मिलने के कारण विभाग के प्रति लोगों में आक्रोश है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




