राकेश भुइंया सहित चार नक्सली ढेर

Updated at : 27 Feb 2018 5:18 AM (IST)
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राकेश भुइंया सहित चार नक्सली ढेर

छतरपुर थाना क्षेत्र के मलगा पहाड़ के पास हुई मुठभेड़ मृतकों में दो महिला नक्सली भी शामिल मेदिनीनगर/रांची /औरंगाबाद : नक्सल अभियान में सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता मिली. पलामू के छतरपुर के मलगा पहाड़ के पास सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे के करीब हुई मुठभेड़ में भाकपा माओवादी के सब जोनल कमांडर […]

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छतरपुर थाना क्षेत्र के मलगा पहाड़ के पास हुई मुठभेड़

मृतकों में दो महिला नक्सली भी शामिल
मेदिनीनगर/रांची /औरंगाबाद : नक्सल अभियान में सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता मिली. पलामू के छतरपुर के मलगा पहाड़ के पास सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे के करीब हुई मुठभेड़ में भाकपा माओवादी के सब जोनल कमांडर और पांच लाख के इनामी राकेश भुइंया सहित चार उग्रवादी मारे गये. मरनेवालों में राकेश के अलावा दस्ता सदस्य लल्लू यादव, रूबी कुमारी और रिंकी कुमारी शामिल हैं. सभी के शव को पुलिस ने कब्जा में ले लिया है.
मुठभेड़ में सर्वाधिक भूमिका सीआरपीएफ की 134 बटालियन की रही. इस बटालियन के अलावा सैप की स्मॉल एक्शन टीम सहित पलामू जिला बल के पदाधिकारी और कर्मचारी अभियान में शामिल थे. राकेश भुइंया उर्फ सुरेश भुइंया मूल रूप से औरंगाबाद जिले के आजाद बिगहा, मदनपुर का निवासी था. इस पर झारखंड और बिहार में लगभग दो दर्जन से अधिक उग्रवादी कांडों में संलिप्त रहने का आरोप था. पुलिस के मुताबिक रिंकी कुमारी नावाजयपुर थाना क्षेत्र के
पेट्रोल पंप के मालिक…
कसवाखाड़ गांव की रहने वाली थी. रूबी मनातू के तरुवन गांव की रहनेवाली बतायी जाती है. इलाके में पुलिस उप-महानिरीक्षक के नेतृत्व में पूरे गांवों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है. नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत 01 जनवरी 2018 से अब तक 12 मुठभेड़ हुई है. घटना के बाद एसपी पलामू इंद्रजीत महथा सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे.
मालूम हो कि आठ फरवरी को नौडीहा के झुनझुन पहाड़ी पर पुलिस और माओवादी के बीच मुठभेड़ हुई थी. उस घटना में भी दो माओवादी मारे गये थे. साथ ही एक महिला माओवादी घायल अवस्था में पकड़ी गयी थी. उस दौरान पुलिस ने आठ हथियार भी पकड़ा था. पुलिस के मुताबिक 18 दिन के अवधी में पुलिस व सीआरपीएफ को मिली यह दूसरी सफलता है. राकेश भुईयां का दस्ता मध्यजोन का एक महत्वपूर्ण दस्ता था. पुलिस द्वारा की गयी कार्रवाई से माओवादियों का मध्य जोन पूरी तरह से कमजोर हो चुका है.
क्या-क्या हुआ बरामद :
दो 7.62 एमएम एसएलआर, पांच एसएलआर का मैग्जीन, एसएलआर का कारतूस 123 राउंड, .315 का कारतूस 96, मोबाईल 07 सहित कई अन्य समानों को बरामद किया गया है.
2017 में सर्वाधिक सफलता :
वर्ष 2017 में भी राज्य में झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति एवं पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण दर्जनों शीर्ष नक्सलियों सहित कुल 47 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. 12 नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गये व दो सैक मेंबर और 55 शीर्ष उग्रवादी सहित कुल 608 गिरफ्तारियां हुई हैं. नक्सलियों के पास से करीब डेढ़ करोड़ नकदी सहित 37 पुलिस के लूटे गये हथियार और 10 जनता से लूटे हथियार सहित सैकड़ों हथियारों की बरामदगी की गयी है. पिछले वर्ष सैक स्तरीय इनामी माओवादी संदीप उर्फ मोतीलाल सोरेन की गिरफ्तारी से माओवादी के प्रभाव में काफी कमी आयी है.
बाक्स :
सीआरपीएफ के मुताबिक मुठभेड़ 20 मिनट चली, पुलिस मुख्यालय कह रहा एक घंटे : नक्सलियों के खिलाफ मुठभेड़ में कही न कहीं पुलिस और सुरक्षाबलों की तरफ से कुछ ऐसा होता है कि सवाल खड़े हो जाते हैं. घटना के बाद सीआरपीएफ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राकेश भुईयां दस्ते से 20 मिनट तक मुठभेड़ चली. जबकि पुलिस मुख्यालय की जारी विज्ञप्ति में दावा किया गया कि मुठभेड़ करीब एक घंटे तक चली. अब ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि कौन सही कह रहा है. क्योंकि पूर्व में भी पलामू के बकोरिया में मुठभेड़ पर भी सवाल खड़ा हुआ था. कई और भी मुठभेड़ है जिस पर सवाल खड़े हो चुके हैं.
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