मानवता की मिसाल: आरा स्टेशन पर भटके नाबालिग को मिला सहारा, पूर्व विधायक बने फरिश्ता

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लेफ्ट साइड बच्चे की और राइट साइड पूर्व विधायक की तस्वीर

Arrah News: आरा रेलवे जंक्शन पर भटकते मिले एक नाबालिग की मदद कर पूर्व विधायक ने मानवता की मिसाल पेश की. घटना ने बाल सुरक्षा और समाज की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े किए है. भीड़भाड़ के बीच एक नाबालिग बच्चा ओवरब्रिज पर लोगों से पैसे मांगता हुआ भटकता मिला. बच्चा असम जाने की जिदकर रह था, लेकिन जेब में पैसे नहीं थे. पूर्व विधायक ने उससे समझाया और उसकी मदद की.

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Arrah News:(आशुतोष पाण्डेय) आरा रेलवे जंक्शन पर रविवार को एक मार्मिक घटना सामने आई, जहां भीड़भाड़ के बीच एक नाबालिग बच्चा ओवरब्रिज पर लोगों से पैसे मांगता हुआ भटकता दिखाई दिया. उसकी बेबसी और मासूमियत ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और समाज की संवेदनशीलता के साथ-साथ बाल सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए.

इसी दौरान जगदीशपुर विधानसभा के पूर्व विधायक भाई दिनेश की नजर उस बच्चे पर पड़ी. उन्होंने तत्काल उसे अपने पास बुलाकर उसकी स्थिति के बारे में जानकारी ली और मानवीय पहल करते हुए उसकी मदद की.

असम जाने की जिद, लेकिन जेब में नहीं थे पैसे

बातचीत के दौरान बच्चे ने बताया कि उसका घर जगदीशपुर के शिवजी पोखरा के पास है, जबकि उसकी मां असम में रहती है. उसने कहा कि वह अपनी मां के पास जाना चाहता है, लेकिन उसके पास यात्रा के लिए पैसे नहीं हैं.

पूर्व विधायक ने समझाया और दी मदद

बच्चे की स्थिति को समझते हुए पूर्व विधायक ने उसे समझाया कि बिना जानकारी और सुरक्षा के इतनी लंबी यात्रा करना खतरनाक हो सकता है. उन्होंने उसे पहले अपने घर लौटने की सलाह दी. इसके साथ ही उन्होंने बच्चे को किराए के लिए आर्थिक सहायता दी, बिस्कुट खिलाया और सुरक्षित घर लौटने के लिए प्रेरित किया.

बाल सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल

यह घटना केवल एक बच्चे की मजबूरी नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है. रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अक्सर ऐसे बच्चे भटकते मिलते हैं, जो विभिन्न कारणों से अपने परिवार से दूर हो जाते हैं. ऐसे में उनके शोषण, गलत संगति या अपराध के जाल में फंसने का खतरा बना रहता है.

सामूहिक प्रयास से ही संभव है समाधान

सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि रेलवे पुलिस, बाल संरक्षण इकाइयों, प्रशासन और जागरूक नागरिकों को मिलकर ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना चाहिए. केवल आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि उचित मार्गदर्शन, संरक्षण और पुनर्वास भी जरूरी है, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके.

मानवता का संदेश

आरा रेलवे जंक्शन की यह घटना एक सकारात्मक संदेश भी देती है कि समाज का हर व्यक्ति यदि संवेदनशीलता दिखाए, तो जरूरतमंद और असहाय बच्चों की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है.

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रागिनी शर्मा

लेखक के बारे में

By रागिनी शर्मा

वर्तमान में मैं, रागिनी शर्मा पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की.

इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.

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