फुटपाथ पर कब्जा, सड़क के बीच चल रहे बच्चे और हजारों वाहन, आरा में अतिक्रमण बना स्थायी समस्या

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सड़क किनारे अतिक्रमण

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Arrah Encroachment : आरा में अतिक्रमण की समस्या एक गंभीर चुनौती बनी हुई है. सड़क और फुटपाथ पर अवैध कब्जों के कारण पैदल चलने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन के बार-बार अभियान चलाने के बावजूद यह समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है.

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Arrah Encroachment : आरा शहर में अतिक्रमण की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. प्रशासन की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर सड़क और फुटपाथ को खाली कराया जाता है, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है. इससे शहरवासियों को आवागमन में परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है.

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प्रकाश पुरी के पास सड़क का बड़ा हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में

मामला सरदार पटेल बस पड़ाव से धरहरा जाने वाली सड़क पर प्रकाश पुरी के पास का है. यहां सड़क के किनारे और फुटपाथ पर अतिक्रमण के कारण पैदल चलने वालों के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है. मजबूरी में लोगों को सड़क के बीच से होकर गुजरना पड़ता है.

बच्चों को भी सड़क पर चलने की मजबूरी

फुटपाथ पर कब्जे का असर सबसे ज्यादा पैदल यात्रियों पर पड़ रहा है. छोटे-छोटे बच्चों को भी सड़क पर चलकर रास्ता तय करना पड़ रहा है. व्यस्त सड़क पर लगातार वाहनों की आवाजाही के बीच इस स्थिति से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.

हर दिन गुजरते हैं हजारों वाहन

सरदार पटेल बस पड़ाव से धरहरा जाने वाली इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं. सड़क पर पैदल यात्रियों और वाहनों के लिए जगह की कमी होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है. व्यस्त समय में यहां जाम की स्थिति भी बनने की बात सामने आती है.

कई बार चल चुका है अतिक्रमण विरोधी अभियान

सरकार के निर्देश पर प्रशासन की ओर से शहर में कई बार अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया है. अभियान के दौरान सड़क और फुटपाथ से अतिक्रमण हटाया जाता है. प्रशासन की ओर से दोबारा उसी जगह अतिक्रमण करने पर कार्रवाई की बात भी कही जाती रही है.

अभियान के बाद फिर लौट जाता है कब्जा

स्थानीय स्थिति को देखकर लगता है कि केवल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है. अभियान के बाद खाली कराई गई जगहों पर दोबारा कब्जा होने से सड़क और फुटपाथ फिर संकरे हो जाते हैं. इससे प्रशासन की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठते हैं.

जाम और दुर्घटना का बना रहता है खतरा

सड़क के किनारे अतिक्रमण होने से वाहनों और पैदल यात्रियों के बीच दूरी कम हो जाती है. व्यस्त सड़क पर पैदल लोगों के सड़क के बीच चलने से दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है. वहीं, वाहनों की संख्या अधिक होने पर जाम की समस्या भी गंभीर हो जाती है.

वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान नहीं

स्थानीय लोगों के अनुसार अतिक्रमण की समस्या नई नहीं है. लंबे समय से अभियान चलने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है. लोगों की मांग है कि अतिक्रमण हटाने के साथ दोबारा कब्जा रोकने के लिए नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की व्यवस्था की जाए.

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