जिला नियंत्रण कक्ष की मदद से प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों की हो रही निगरानी

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नियंत्रण कक्ष का संचालन सुबह 08 बजे से रात आठ बजे तक किया जा रहा है.

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संस्थानों में कर्मियों की मौजूदगी, मरीजों की संख्या व दवा वितरण की हो रही सतत निगरानी

अररिया

स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू व प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा हाल के दिनों में कई जरूरी पहल किये गये हैं. इसमें मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय में जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना बेहद कारगर साबित हो रहा है. जिला नियंत्रण कक्ष यानी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पूरी तरह डिजिटल तकनीक पर आधारित है. इसके माध्यम से जिले के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों की अनुश्रवण व निगरानी के साथ-साथ संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़ी किसी तरह की परेशानी होने पर इसका तत्काल समाधान बेहद आसान हो चुका है.

स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है संभव

जिला नियंत्रण कक्ष के नोडल अधिकारी सह जिला अनुश्रवण व मूल्यांकन पदाधिकारी पंकज कुमार झा ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी व सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने में जिलास्तरीय नियंत्रण कक्ष महत्वपूर्ण साबित भूमिका निभा रहा है. नियंत्रण कक्ष का संचालन सुबह 08 बजे से रात आठ बजे तक किया जा रहा है. कंट्रोल रूप में प्रशिक्षित डेटा इंट्री ऑपरेटरों की तैनाती की गयी है. इसके माध्यम से जिले के सभी प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों की मॉनेटरिंग की जा रही है. सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से संस्थानों की गतिविधियों पर नजर बनाये रखने, ओपीडी में चिकित्सकों की उपस्थिति, भव्या एप के माध्यम से मरीजों के निबंधन, उपचार व दवा काउंटर पर दवा वितरण से जुड़ी किसी तरह की समस्या आने पर तत्काल जिला स्तर से संबंधित स्वास्थ्य संस्थान के वरीय अधिकारियों को जरूरी सुझाव व दिशा निर्देश तत्काल देकर इसका समाधान किया जा रहा है.

संस्थानों की सतत मॉनिटरिंग से सेवाएं हुई है बेहतर

डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार ने बताया कि जिला नियंत्रण कक्ष के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनिटरिंग से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के साथ-साथ लोगों तक इसकी पहुंच आसान हुई है. स्वास्थ्य सेवाओं के निगरानी व प्रबंधन इसकी मदद से आसान हुआ है. इससे मरीजों को सुविधाजनक व प्रभावी सेवाएं प्राप्त हो रही हैं. जिला व प्रखंडस्तरीय स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच बेहतर आपसी समन्वय स्थापित हुआ है. सेवाओं की बेहतरी के लिये संयुक्त प्रयास को मजबूती मिली है.

पारदर्शिता व गुणात्मकता में हुआ है सुधार

सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि जिलास्तरीय नियंत्रण कक्ष के संचालन से स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता व गुणवत्ता में सुधार हुआ है. इससे मरीजों को बेहतर व सुलभ चिकित्सकीय सुविधाएं मिल रही हैं. इसकी मदद से चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की संस्थान में मौजूदगी, मरीजों की संख्या व दवा वितरण प्रक्रिया की सतत निगरानी संभव हुआ है. इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है.

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