सीमावर्ती गांवों में खेल संस्कृति, आजीविका व नशा मुक्ति अभियान को बनाएं मजबूत: DM

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अधिकारियों के साथ समीक्षा करते जिलाधिकारी

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Vibrant Village Program: अररिया के सीमावर्ती क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए जिलाधिकारी विनोद दूहन ने ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2’ (VVP-2) की उच्च स्तरीय समीक्षा की. डीएम ने भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी व नशे पर लगाम कसने, स्थानीय युवाओं को एसएसबी (SSB) से खेल प्रशिक्षण दिलाने और पशुपालन के जरिए ग्रामीणों की आय बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए हैं.

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Vibrant Village Program: बिहार के सीमावर्ती जिले अररिया के चयनित सीमांत क्षेत्रों के समग्र और चहुंमुखी विकास के लिए संचालित “वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2” के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. जिला पदाधिकारी (DM) विनोद दूहन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय समिति की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई. बैठक में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे चयनित 12 सीमावर्ती गांवों में चल रही विभिन्न बुनियादी विकास योजनाओं की भौतिक प्रगति की गहन समीक्षा की गई. डीएम ने सीमावर्ती आबादी की सुरक्षा, स्वरोजगार और युवाओं के सकारात्मक मार्गदर्शन को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई कड़े व आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए.

वीवीपी-2 के तहत 53 योजनाएं स्वीकृत, एसएसबी जवान देंगे खेल ट्रेनिंग

सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित निर्णय लिए गए हैं:

  • 53 विकास योजनाओं को मंजूरी: बैठक के दौरान आधिकारिक रूप से बताया गया कि अररिया जिले के सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए वीवीपी-2 के अंतर्गत कुल 53 महत्वपूर्ण योजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं, जिन पर काम चल रहा है.
  • SSB को सौंपे जाएंगे खेल मैदान: जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन सीमावर्ती पंचायतों में खेल के मैदानों (Playgrounds) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें अविलंब सीमा सुरक्षा बल (SSB) को हैंडओवर किया जाए.
  • प्रतिभाओं को मिलेगा मंच: मैदानों को सौंपने के साथ ही एसएसबी के शारीरिक रूप से दक्ष और प्रशिक्षित जवानों की प्रतिनियुक्ति कर स्थानीय बच्चों व युवाओं को नियमित रूप से खेल का वैज्ञानिक प्रशिक्षण दिलाया जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करना और ग्रामीण युवाओं की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पटल पर लाने के लिए उचित मंच प्रदान करना है.

नशामुक्ति अभियान को बनाएं मजबूत; तस्करी की रोकथाम पर विशेष नजर

अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर युवाओं को नशे के जाल से बचाने और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है, जिसका विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:

प्राथमिकता वाले क्षेत्रजिला प्रशासन द्वारा जारी मुख्य रणनीतिक निर्देश
स्कूलों संग समन्वयसभी बीडीओ (BDO) और बीईओ (BEO) को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय सरकारी विद्यालयों के साथ समन्वय बनाकर नशामुक्ति गतिविधियों में बच्चों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करें.
नशे पर कड़ा प्रहारसीमावर्ती इलाकों में नशा विरोधी जागरूकता अभियानों को अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि युवाओं की शारीरिक और मानसिक ऊर्जा नशे के गर्त में जाने के बजाय खेल व रचनात्मक कार्यों में लग सके.
एंटी-स्मगलिंग अलर्टसंबंधित प्रखंडों के बीडीओ और अंचलाधिकारियों (CO) को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर होने वाली किसी भी प्रकार की अवैध तस्करी (Smuggling) की रोकथाम के लिए खुफिया तंत्र व सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए.

Vibrant Village Program: पशुपालन और दुग्ध सहकारी केंद्रों से बढ़ेगी ग्रामीणों की आय

सीमांत क्षेत्र के निवासियों के आर्थिक स्वावलंबन और आजीविका के साधनों को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया.

  • हर पंचायत में खुलेंगे डेयरी सेंटर: ग्रामीणों की दैनिक आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से सभी सीमावर्ती पंचायतों में दुग्ध सहकारी केंद्र (Milk Cooperative Centers) स्थापित करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही पशुपालन और ग्रामीण कौशल विकास (Skill Development) से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर तेजी से लागू करने को कहा गया है.
  • सौर ऊर्जा पर रहेगा फोकस: बैठक में जिला योजना पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि ग्रामीण इलाकों में निर्बाध बिजली और पर्यावरण संरक्षण के लिए सौर ऊर्जा आधारित (Solar Energy) नई योजनाओं को भी वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2 के तहत शामिल करने की दिशा में आवश्यक कागजी कार्रवाई करें.

बैठक में इन वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी

इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिले के तमाम बड़े प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे.

समाहरणालय में आयोजित इस बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC), अपर समाहर्ता (ADM), सीमा सुरक्षा बल (SSB) के समादेष्टा (Commandant), सिविल सर्जन और जिला योजना पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे. वहीं, सीमा से सटे संवेदनशील प्रखंडों— नरपतगंज, फारबिसगंज, कुर्साकांटा एवं सिकटी के प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से सीधे जुड़े रहे और अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट पेश की.

जिलाधिकारी विनोद दूहन ने अंत में सभी संबंधित अधिकारियों को चेताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है, इसलिए सभी 53 योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें. किसी भी प्रकार की शिथिलता बरतने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

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