आधार से बालिग, मेडिकल से नाबालिग: अररिया में कश्मीरी युवक की शादी का मामला पलटा, गिरफ्तारी तय

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फोटो:- कश्मीरी युवक की फाइल फोटो | Prabhat Khabar Network

कश्मीरी युवक की फाइल फोटो | Prabhat Khabar Network

आधार कार्ड से बालिग मानी गई नाबालिग लड़की से शादी करने पहुंचे कश्मीरी युवक का मामला अब नया मोड़ ले चुका है. मेडिकल रिपोर्ट में लड़की के नाबालिग पाए जाने के बाद पुलिस सख्त हो गई है.

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अररिया जिले के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बस स्टैंड स्थित रहिका टोला वार्ड संख्या 17 में एक नाबालिग लड़की से जबरन/सौदा कर शादी करने पहुंचे कश्मीरी युवक का मामला पूरी तरह पलट गया है. शुरुआती जांच में लड़की के आधार कार्ड के आधार पर बालिग मानकर छोड़े गए आरोपी पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है. सदर अस्पताल के डॉक्टरों की मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट में लड़की के नाबालिग (14 से 16 वर्ष) पाए जाने के बाद पुलिस और बाल कल्याण समिति (CWC) सख्त रुख अपना रही है.

2.5 लाख रुपये और गहने देकर रचाई जा रही थी शादी

यह पूरा मामला 10 जुलाई का है, जब रहिका टोला में एक होटल के पास चाइल्ड हेल्पलाइन और नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर चल रही शादी को रुकवाया था:

  • दूल्हे की पहचान: पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए युवक की पहचान जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा निवासी 40 वर्षीय वजीर मोहम्मद खान के रूप में हुई.
  • पूछताछ में बड़ा खुलासा: पूछताछ के दौरान कश्मीरी युवक ने स्वीकार किया था कि इस शादी को तय करने के लिए उसने लड़की पक्ष को 2.5 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के गहने दिए थे.

आधार कार्ड ने दिया धोखा, मेडिकल रिपोर्ट ने खोली पोल

घटना के दिन पुलिस ने जब लड़की के कागजात खंगाले, तो उसके आधार कार्ड पर जन्मतिथि 01 जनवरी 2008 दर्ज पाई गई. इसके आधार पर लड़की को 18 वर्ष (बालिग) मानते हुए पुलिस ने आरोपी कश्मीरी युवक को पीआर बॉन्ड (PR Bond) पर छोड़ दिया था.

  • 3 डॉक्टरों के बोर्ड ने की जांच: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बाल कल्याण समिति और पुलिस ने लड़की का वैज्ञानिक परीक्षण कराने का निर्णय लिया.
  • सदर अस्पताल की रिपोर्ट: सदर अस्पताल अररिया के तीन डॉक्टरों की विशेष मेडिकल टीम ने लड़की का दंत परीक्षण और हड्डियों का एक्स-रे (Bone Ossification Test) किया.
  • उम्र का खुलासा: रिपोर्ट के अनुसार लड़की की दंत आयु 15 से 17 वर्ष और हड्डी संरचना के आधार पर उम्र 14 से 16 वर्ष पाई गई. डॉक्टरों के बोर्ड ने सर्वसम्मति से निष्कर्ष निकाला कि लड़की की वास्तविक औसत आयु 14 से 16 वर्ष ही है, यानी वह पूरी तरह नाबालिग है.

"केवल आधार देखकर छोड़ना गलत": सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष

बाल कल्याण समिति (CWC) के अध्यक्ष दीपक कुमार वर्मा ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल आधार कार्ड को उम्र का अंतिम और प्रामाणिक आधार मानकर आरोपी को छोड़ना नियम विरुद्ध था.

बाल विवाह निषेध अधिनियम का उल्लंघन: सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम (Prohibition of Child Marriage Act) के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की शादी कराना या करना संज्ञेय और गंभीर अपराध है.

पुलिस की कड़ी कार्रवाई की तैयारी

सदर एसडीपीओ (SDPO) सुशील कुमार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि मेडिकल रिपोर्ट में लड़की नाबालिग सिद्ध होती है, तो आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया जाएगा. अब जब आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट में लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि हो चुकी है, तो नगर थाना पुलिस आरोपी वजीर मोहम्मद खान के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है.


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राहुल सिंह

लेखक के बारे में

By राहुल सिंह

राहुल सिंह प्रिंट माध्यम में 10 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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