3.10 लाख क्विंटल अनाज लैप्स
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना. एफसीआइ की शिथिलता से उत्पन्न हुई स्थिति राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत गरीबों की थाली तक पहुंचने वाला अनाज जिले में मार्च 2016 से नवंबर 2016 तक 2.39 लाख क्विंटल पूर्व में ही लैप्स हो चुका है. ताजा मामले में एफसीआइ की शिथिलता के कारण मार्च 2017 में एक बार फिर […]
विज्ञापन
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना. एफसीआइ की शिथिलता से उत्पन्न हुई स्थिति
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत गरीबों की थाली तक पहुंचने वाला अनाज जिले में मार्च 2016 से नवंबर 2016 तक 2.39 लाख क्विंटल पूर्व में ही लैप्स हो चुका है. ताजा मामले में एफसीआइ की शिथिलता के कारण मार्च 2017 में एक बार फिर 71 हजार क्विंटल खाद्यान्न लैप्स होने की संभावना है.
अररिया : हालात बता रहे हैं कि वित्तीय वर्ष 2016-17 के अंत में एक बार फिर खाद्यान्न लैप्स होने की संभावना प्रबल हो गयी है, जिसकी मात्रा लगभग 71 हजार क्विंटल होगा, जो वित्तीय वर्ष 2015-16 के मार्च माह में लैप्स हुए 82 हजार 152 क्विंटल से ज्यादा होगा. बताना लाजिमी होगा कि राज्य खाद्य निगम का इससे पहले दो लाख 39 हजार क्विंटल खाद्यान्न लैप्स हो चुका है. हालांकि मार्च 2017 में 71 हजार क्विंटल खाद्यान्न लैप्स होने की जो संभावना जतायी जा रही है.
उसके पीछे का मुख्य कारण एफसीआइ द्वारा राज्य खाद्य निगम को खाद्यान्न की ससमय आपूर्ति नहीं किया जाना बताया जा रहा है. मार्च माह के अंतिम कुछ दिनों में 71 हजार क्विंटल खाद्यान्न का उठाव हो पाना संभव प्रतीत नहीं हो रहा है. अगर खाद्यान्न लैप्स को नहीं रोका गया तो इसकी क्षति पूर्ति कर पाना एसएफसी के लिए असंभव होगा, जिससे जिले में चल रहे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना को प्रभावी बनाना जिला प्रशासन के लिए मुश्किल साबित होगा.
मार्च में खाद्यान्न लैप्स होने के कारण
मार्च 2017 में 71 हजार क्विंटल खाद्यान्न लैप्स होने के कारणों पर अगर गौर किया जाये, तो इसके पीछे एफसीआइ द्वारा ससमय खाद्यान्न आपूर्ति नहीं किये जाने को बताया जा रहा है. जिले में प्रति माह एक लाख 51 हजार क्विंटल खाधान्न की खपत होती है. जानकारी अनुसार विगत एक माह के दौरान एफसीआइ फारबिसगंज द्वारा राज्य खाद्य निगम को 25 मार्च 2017 तक मात्र एक रैक गेहूं उपलब्ध कराया गया है. गढ़बनैली एफसीआइ से राज्य खाद्य निगम को एक रैक गेहूं व एक रैक चावल उपलब्ध कराया गया है. एफसीआइ द्वारा ससमय खाद्यान्न नहीं दिये जाने के पीछे का कारण यही बताया जा रहा है कि उनके गोदाम में भी खाद्यान्न का रैक नहीं पहुंच पाया है. 26 मार्च 2017 को फारबिसगंज एफसीआइ के पास एक रैक खाद्यान्न पहुंचा भी है, तो उससे 71 हजार क्विंटल खाधान्न को लैप्स होने से रोका जाना मुमकिन नजर नहीं आ रहा है.
कब कितना खाद्यान्न हुआ है लैप्स
माह मात्रा (क्विंटल में)
मार्च 16 82,152
अप्रैल16 59,810
मई16 55,799
जून16 23,764
जुलाई16 08,658
नवंबर16 08,960
मार्च2017 71,000 संभावित
क्षतिपूर्ति रोकने के लिए डीएम को दी गयी है सूचना
एफसीआइ के पास खाद्यान्न उपलब्ध नहीं होने के कारण ही राज्य खाद्य निगम द्वारा खाद्यान्न का उठाव ससमय नहीं हो पाया है. इसकी क्षति पूर्ति को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की सूचना डीएम को दी गयी है. डीएम के स्तर से इसकी सूचना प्रबंध निदेशक राज्य खाद्य निगम व सचिव राष्ट्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को दी गयी है.
बीरेंद्र नाथ गुप्ता, डीएम, एसएफसी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










