एलइडी लाइट का मामला : दो गुटों में बंटा नगर परिषद

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जून 2015 में निविदा के माध्यम से हुआ था एजेंसी का चयन दो करोड़ एक लाख रुपये की लागत से लगा था शहर में एलइडी मां जगदंबा व पेंथर यूनिट ने लगाया था शहर में 1200 एलइडी लाइट, विभागीय ऑडिट की प्रक्रिया में नहीं पायी गयी त्रुटि अररिया : नगर परिषद क्षेत्र में 1200 पीस […]

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जून 2015 में निविदा के माध्यम से हुआ था एजेंसी का चयन

दो करोड़ एक लाख रुपये की लागत से लगा था शहर में एलइडी

मां जगदंबा व पेंथर यूनिट ने लगाया था शहर में 1200 एलइडी लाइट, विभागीय ऑडिट की प्रक्रिया में नहीं पायी गयी त्रुटि

अररिया : नगर परिषद क्षेत्र में 1200 पीस एलइडी लाइट लगाये जाने के मामले में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के घालमेल की बात सामने आते ही नप के वार्ड पार्षद नप के पक्ष व विपक्ष में खुल कर उतर आये हैं. वार्ड पार्षदों का एक पक्ष जहां शहर में लगाये गये एलइडी लाइट को नियमानुसार लगाये जाने व किसी भी प्रकार के घालमेल की बात से इनकार कर रहे हैं. वहीं कुछ वार्ड पार्षदों की माने तो एलइडी लाइट लगाये जाने में किसी खास एजेंसी को फायदा पहुंचाने का काम नगर परिषद द्वारा किया गया है.

नामित क्रय समिति के प्रावधान के अनुसार हुई है एलइडी लाइट की खरीद

नप के उप मुख्य पार्षद गौतम साह ने नप क्षेत्र में लगाये गये 1200 एलइडी लाइट की प्रक्रिया को नियमानुसार पूरी कराये जाने की बात कही है. उनकी माने तो एलइडी लाइट की खरीद राज्य सरकार द्वारा नामित क्रय समिति बुडको द्वारा निर्धारित दर से कम पर की गयी है.

लगाये गये एलइडी लाइट से सारा शहर जगमग कर रहा है. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात तो यह है कि एलइडी लाइट लगाये जाने से पूर्व नप विद्युत विभाग को बिजली बिल के रूप में बड़ी राशि का भुगतान करता था. जबकि अब उस राशि में भारी कटौती हो रही है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ को ले वर्तमान दर को पिछले वर्ष की दर से तुलना कर भ्रांति फैला रहे हैं, जबकि पिछले वर्षों के दौरान एलइडी लाइट में 30 से 40 प्रतिशत की गिरावट हुई है.

वार्ड संख्या 25 के नगर पार्षद कमाले हक की माने तो कुछ ऐसे चेहरे हैं जिनके द्वारा बराबर ही नगर परिषद के विकास कार्यों को अवरुद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन लोगों द्वारा ही त्योहार पूर्व सफाई कर्मियों की प्रायोजित हड़ताल करायी गयी थी. वार्ड संख्या के नगर पार्षद रितेश राय की माने तो खुली निविदा द्वारा न्यूनतम स्वीकृत दर पर एजेंसी का चयन कर कार्यादेश दिया गया. एलइडी लाइट लगाये जाने की प्रक्रिया में नगर परिषद द्वारा किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं बरती गयी है.

वार्ड संख्या 08 के नगर पार्षद अरुण साह ने भी एलइडी लाइट लगाये जाने में अनियमितता की बात से इनकार किया है. नप बोर्ड के क्रय समिति के सदस्य नरेंद्र कुमार मंडल उर्फ शीतल मंडल की माने तो नगर परिषद की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है.

जनता विकास के साथ है. वर्तमान बोर्ड नप के स्वर्णिम काल में गिना जायेगा. चारों तरफ विकास दिख रहा है. एलइडी लाइट लगाये जाने में पूर्णरूपेण पारदर्शिता बरती गयी है. वार्ड संख्या छह के नगर पार्षद तेतर पासवान व वार्ड संख्या 20 के नगर पार्षद फरजाना परवीन ने भी एलइडी लाइट लगाये जाने में पारदर्शिता बरते जाने की बात को स्वीकार किया.

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