Lionel Messi Retirement: इलाज के लिए पैसे जुटाना भी था मुश्किल, फिर एक पेपर नैपकिन ने बदल दी मेसी की किस्मत

Updated:
विज्ञापन

मेसी (फोटो—एक्स)

लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम से संन्यास का ऐलान कर दिया है, लेकिन उनकी कहानी सिर्फ ट्रॉफियों की नहीं है. 10 साल की उम्र में बीमारी से जूझ रहे मेसी के लिए एक पेपर नैपकिन पर लिखी प्रतिबद्धता ने फुटबॉल की दुनिया का बादशाह बना दिया. 207 मैचों में 125 गोल के साथ उनका अंतरराष्ट्रीय सफर खत्म हुआ.

विज्ञापन

Lionel Messi Retires: लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम से संन्यास का ऐलान कर दिया है. 39 साल की उम्र में उनका अंतरराष्ट्रीय सफर 207 मैचों में 125 गोल के साथ खत्म हुआ. 2022 में अर्जेंटीना को विश्व कप जिताने वाले मेसी ने 2026 विश्व कप में भी टीम को फाइनल तक पहुंचाया, जहां स्पेन से हार के बाद उन्होंने राष्ट्रीय टीम को अलविदा कहने का फैसला किया. लेकिन मेसी की कहानी सिर्फ ट्रॉफियों और रिकॉर्ड की नहीं है. इसके पीछे उस बच्चे का संघर्ष है, जिसके परिवार के लिए कभी उसके इलाज का खर्च उठाना भी मुश्किल था और जिसके भविष्य का फैसला एक पेपर नैपकिन पर लिखी प्रतिबद्धता से हुआ था.

विज्ञापन

10 साल की उम्र में बीमारी ने बढ़ाई मुश्किल

24 जून 1987 को अर्जेंटीना के रोजारियो में जन्मे मेसी ने बहुत छोटी उम्र में फुटबॉल को अपना बना लिया था. चार साल की उम्र में उन्होंने स्थानीय क्लब ग्रैंडोली से खेलना शुरू किया और छह साल की उम्र में न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज पहुंच गए. यहीं उनके खेल ने सबका ध्यान खींचना शुरू किया. लेकिन करीब 10 साल की उम्र में पता चला कि मेसी को ग्रोथ हार्मोन डेफिशिएंसी है. इलाज के लिए उन्हें नियमित हार्मोन ट्रीटमेंट की जरूरत थी, जिसका खर्च करीब 1000 डॉलर प्रति महीने तक पहुंचता था. यह रकम परिवार के बजट पर भारी पड़ रही थी.

मेसी के परिवार ने इलाज जारी रखने की पूरी कोशिश की. क्लब और परिचितों से मदद की उम्मीद भी थी, लेकिन लंबे समय तक खर्च उठाना आसान नहीं था. ऐसे में फुटबॉल सिर्फ मेसी का सपना नहीं रह गया था, बल्कि उनके भविष्य का रास्ता भी बन चुका था.

बार्सिलोना के ट्रायल ने बदल दी कहानी

मेसी की मां के परिवार का संबंध स्पेन के कैटालोनिया से था. इसी वजह से सितंबर 2000 में 13 साल के मेसी को बार्सिलोना में ट्रायल का मौका मिला. छोटे कद के इस लड़के ने मैदान पर ऐसा खेल दिखाया कि बार्सिलोना के तत्कालीन तकनीकी निदेशक कार्लेस रेक्साक उन पर तुरंत भरोसा करने लगे. लेकिन क्लब के भीतर सभी लोग आश्वस्त नहीं थे. इतनी कम उम्र के खिलाड़ी को साइन करने के साथ उसके इलाज की जिम्मेदारी लेना भी बड़ा फैसला था.

ये भी पढ़ें: कौन हैं Lionel Messi की पत्नी एंटोनेला रोकुजो? क्या करती हैं, कितने बच्चे और कैसे शुरू हुई दोनों की लव स्टोरी

नैपकिन पर लिख दिया मेसी का भविष्य

14 दिसंबर 2000 को बार्सिलोना के अधिकारी कार्लेस रेक्साक ने मेसी को क्लब से जोड़ने की लिखित प्रतिबद्धता देने का फैसला किया. उस समय उनके पास कोई औपचारिक दस्तावेज नहीं था. रेक्साक ने एक पेपर नैपकिन उठाया और उसी पर मेसी को साइन करने की प्रतिबद्धता लिख दी.

उस नैपकिन पर लिखी गई यह बात बाद में फुटबॉल इतिहास के सबसे मशहूर किस्सों में शामिल हो गई. इसमें रेक्साक ने मेसी को साइन करने की जिम्मेदारी लेने की बात लिखी थी. दस्तावेज पर रेक्साक के साथ ट्रांसफर सलाहकार जोसेप मिंगुएला और एजेंट होरासियो गागियोली के हस्ताक्षर भी थे. यानी जिस समय मेसी का भविष्य अनिश्चित था, उस समय उनके करियर की सबसे अहम शुरुआत एक ऐसे कागज पर हुई, जिसे आम तौर पर कोई गंभीर दस्तावेज भी नहीं माना जाता.

ये भी पढ़ें: सुरेश रैना के बेटे रियो की क्रिकेट में एंट्री, तस्वीरें शेयर कर लिखा- ‘Like Father, Like Son’

वही नैपकिन 10 करोड़ रुपये में बिका

View on Instagram

मेसी के करियर की शुरुआत से जुड़ा वह छोटा-सा नैपकिन बाद में खुद इतिहास का हिस्सा बन गया. 2024 में इसे नीलामी में £762,400 यानी करीब 10 करोड़ रुपये में बेचा गया. जिस कागज पर एक 13 साल के बच्चे को बार्सिलोना से जोड़ने का वादा लिखा गया था, वही कागज कुछ साल बाद दुनिया के सबसे महंगे फुटबॉल यादगारों में शामिल हो गया.

ये भी पढ़ें: काउंटी क्रिकेट में मयंक अग्रवाल की हुई वापसी, डरहम के लिए खेलेंगे आखिरी चार मुकाबले

नैपकिन से कैंप नोउ तक, फिर दुनिया के शिखर तक

फरवरी 2001 में मेसी का परिवार बार्सिलोना आ गया. क्लब ने उनके रहने और इलाज की व्यवस्था की. इसके बाद उन्होंने बार्सिलोना की युवा टीमों से अपना सफर शुरू किया और 2003 में सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया. आगे की कहानी इतिहास है. बार्सिलोना में मेसी क्लब के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में शामिल हुए. उन्होंने 672 गोल किए और क्लब के साथ 10 ला लीगा तथा चार चैंपियंस लीग खिताब जीते.

अर्जेंटीना के साथ भी शुरुआत आसान नहीं रही. कई बड़ी हार और आलोचनाओं के बाद मेसी ने 2021 और 2024 में कोपा अमेरिका जीता और 2022 में विश्व कप ट्रॉफी उठाई. 2026 में उन्होंने अर्जेंटीना को एक बार फिर विश्व कप फाइनल तक पहुंचाया, हालांकि टीम स्पेन से हार गई.

अर्जेंटीना की जर्सी में अब नहीं दिखेंगे मेसी

विश्व कप फाइनल के बाद काफी सोच-विचार करने के बाद मेसी ने राष्ट्रीय टीम से संन्यास का फैसला किया. अपने भावुक संदेश में उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके लिए बेहद मुश्किल और दर्दनाक है, लेकिन अब उन्हें लगता है कि सही समय आ गया है. अर्जेंटीना के लिए 207 मैच और 125 गोल के साथ मेसी अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक बनकर विदा ले रहे हैं. हालांकि यह क्लब फुटबॉल से संन्यास नहीं है. मेसी इंटर मियामी के लिए खेलना जारी रखेंगे.

ये भी पढ़ें: Rohit Sharma TV Debut: क्रिकेट के बाद टीवी पर दिखेगा ‘हिटमैन’ का नया अंदाज, इस शो से करेंगे डेब्यू

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola