टेस्ट, वनडे या हो टी20, हर बार टीम इंडिया से हारा अफगानिस्तान; क्या इस सीरीज में दे पाएगा भारत को कांटे की टक्कर?
भारत बनाम अफगानिस्तान फोटो—एक्स
अफगानिस्तान की टीम ने हाल के वर्षों में क्रिकेट जगत में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन भारत के खिलाफ जीत का इंतजार अभी भी बाकी है. टेस्ट, वनडे और टी20 में भारत का पलड़ा भारी रहा है.
IND vs AFG T20I Series: अफगानिस्तान ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान तेजी से मजबूत की है. टीम ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीमों को हराया है. लेकिन एक टीम के खिलाफ उसकी जीत का इंतजार अभी भी खत्म नहीं हुआ है और वह टीम है भारत. अफगानिस्तान ने भारत के खिलाफ टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल में कई मुकाबले खेले हैं, कुछ मैचों में जीत के बेहद करीब भी पहुंची, लेकिन अब तक किसी भी फॉर्मेट में टीम इंडिया को हरा नहीं सकी है.
अब अफगानिस्तान के पास एक और मौका है. इस बार मुकाबले भारत में हैं और टीम की कोशिश होगी कि भारतीय परिस्थितियों को अपने लिए ‘होम ग्राउंड’ जैसा बनाकर उस इंतजार को खत्म किया जाए. इब्राहिम जादरान की कप्तानी वाली टीम के सामने चुनौती आसान नहीं होगी, लेकिन यह अफगानिस्तान 2010 वाली टीम भी नहीं है.
भारत के खिलाफ रिकॉर्ड अब भी बेदाग
अफगानिस्तान और भारत पहली बार 2010 टी20 वर्ल्ड कप में आमने-सामने आए थे. इसके बाद दोनों टीमें अलग-अलग फॉर्मेट और टूर्नामेंट में कई बार भिड़ चुकी हैं. भारत ने लगभग हर मुकाबले में बढ़त बनाए रखी है. अफगानिस्तान ने भारत के खिलाफ अब तक 2 टेस्ट खेले हैं और दोनों में उसे हार मिली है. वनडे में भी 7 मुकाबलों में टीम एक भी जीत हासिल नहीं कर सकी, जबकि 6 मैचों में भारत ने जीत दर्ज की है और एक मुकाबला टाई रहा था.
टी20 इंटरनेशनल में भी कहानी कुछ अलग नहीं है. दोनों टीमों के बीच 9 मुकाबले हुए हैं, लेकिन अफगानिस्तान की जीत का खाता नहीं खुला. भारत ने 8 मैच जीते हैं, जबकि एक मैच का नतीजा नहीं निकल सका. यानी क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में अफगानिस्तान अब तक भारत को नहीं हरा पाया है.
कई बार जीत के बेहद करीब पहुंचा अफगानिस्तान
हालांकि, भारत के खिलाफ अफगानिस्तान का रिकॉर्ड भले ही एकतरफा दिखाई देता हो, लेकिन कई मुकाबलों में टीम ने भारत को कड़ी चुनौती दी है. 2018 एशिया कप में दोनों टीमों के बीच मुकाबला टाई रहा था. इसके बाद 2019 वनडे वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान ने भारत को लंबे समय तक परेशान किया, लेकिन अंत में उसे 11 रन से हार मिली.
जनवरी 2024 की टी20 सीरीज तो अफगानिस्तान के लिए और भी करीब पहुंचने वाली रही. भारत के खिलाफ तीसरे टी20 में मुकाबला टाई होने के बाद दो सुपर ओवर हुए और आखिरकार टीम इंडिया ने बाजी मारी. यानी अफगानिस्तान उस मुकाबले में जीत से सिर्फ एक छोटे से फासले पर रह गया था. यही वजह है कि अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि अफगानिस्तान में भारत को हराने की क्षमता है या नहीं. असली सवाल यह है कि क्या वह दबाव वाले पलों में अपने प्रदर्शन को आखिरी गेंद तक कायम रख पाएगा?
राशिद खान होंगे सबसे बड़ा हथियार

भारत के खिलाफ अफगानिस्तान की रणनीति में राशिद खान की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है. वह लंबे समय से भारतीय परिस्थितियों में क्रिकेट खेल रहे हैं और आईपीएल में भी उनका अच्छा अनुभव है. राशिद ने भारत के खिलाफ अलग-अलग फॉर्मेट में विकेट तो लिए हैं, लेकिन वह अब तक टीम को जीत नहीं दिला सके हैं. अफगानिस्तान के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि अगर राशिद का दिन अच्छा नहीं रहा तो क्या बाकी गेंदबाज उस दबाव को संभाल पाएंगे?
भारत के खिलाफ स्पिन का दांव कितना काम आएगा?
अफगानिस्तान की सबसे बड़ी ताकत उसकी स्पिन गेंदबाजी है. राशिद खान के अलावा टीम के पास मोहम्मद नबी, नूर अहमद और अन्य स्पिन विकल्प मौजूद हैं. लेकिन भारत के खिलाफ यही ताकत उतनी प्रभावी साबित नहीं होती. भारतीय बल्लेबाज घरेलू क्रिकेट से ही स्पिन के खिलाफ खेलने के आदी होते हैं और टीम के पास ऐसे बल्लेबाजों की कमी नहीं है जो लगातार स्पिन का सामना कर सकें. ऐसे में अफगानिस्तान को सिर्फ स्पिन पर निर्भर रहने के बजाय तेज गेंदबाजों से भी शुरुआती और निर्णायक विकेट निकालने होंगे.
इब्राहिम जादरान बोले- प्लान पर अमल करना होगा
भारत के खिलाफ पहली जीत के सवाल पर अफगानिस्तान के कप्तान इब्राहिम जादरान ने भी माना कि उनकी टीम कई बार भारत के खिलाफ अच्छा क्रिकेट खेल चुकी है.
जादरान ने कहा कि 2024 की टी20 सीरीज में उनकी टीम दो बार सुपर ओवर तक पहुंची थी और आईसीसी टूर्नामेंट में भी भारत के खिलाफ उन्होंने बेहतर क्रिकेट खेला है. हालांकि, वह इस बात से भी वाकिफ हैं कि अभी तक जीत नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि टीम का पूरा ध्यान अपनी रणनीति पर अमल करने और 100 प्रतिशत देने पर होगा. उनका मानना है कि अगर खिलाड़ी चीजों को मुश्किल बनाने के बजाय अपनी योजना के मुताबिक खेलेंगे तो सीरीज में बेहतर नतीजा हासिल किया जा सकता है.
दुनिया की कई बड़ी टीमों को दे चुका है मात
अफगानिस्तान की तरक्की का अंदाजा उसके दूसरे देशों के खिलाफ रिकॉर्ड से लगाया जा सकता है. टीम ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड जैसी टीमों के खिलाफ जीत हासिल की है.
सीमित ओवरों के क्रिकेट में अफगानिस्तान अब किसी एक-दो खिलाड़ियों पर निर्भर रहने वाली टीम नहीं रह गई है. राशिद खान की स्पिन, मोहम्मद नबी का अनुभव, रहमानुल्लाह गुरबाज की आक्रामक बल्लेबाजी और इब्राहिम जादरान की जिम्मेदार बल्लेबाजी टीम को संतुलन देती है. इसके अलावा अजमतुल्लाह उमरजई जैसे ऑलराउंडर भी टीम को अतिरिक्त विकल्प देते हैं.
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