5 डॉट बॉल, अजीब स्टांस और फिर भी प्लेइंग XI में एंट्री! DPL विवाद में विराट कोहली के कोच पर उठे सवाल
देव चौधरी (फोटो- सोशल मीडिया)
दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में देव चौधरी के चयन को लेकर DDCA में विवाद छिड़ गया है. देव के अजीब बैटिंग स्टांस और खराब प्रदर्शन ने चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
Dev Chaudhary Controversy: दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में देव चौधरी के चयन को लेकर उठा विवाद अब दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) के भीतर तक पहुंच गया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देव का अजीब बैटिंग स्टांस और पावरप्ले में स्पिनर के खिलाफ लगातार पांच डॉट गेंद खेलना चर्चा का विषय बना हुआ है.
विवाद के बीच अब उस नियम पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिसके तहत टीमों को नीलामी के बाद स्थानीय लीग से तीन खिलाड़ियों को चुनने की अनुमति मिली थी. देव चौधरी ने नई दिल्ली टाइगर्स की ओर से बतौर ओपनर दो मुकाबले खेले. साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज के खिलाफ वह दो गेंदों पर खाता नहीं खोल सके, जबकि वेस्ट दिल्ली लायंस के खिलाफ 24 गेंदों में 16 रन बनाए. इस मुकाबले में उनकी बल्लेबाजी को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो और मीम्स वायरल हुए.
नियम को लेकर DDCA में पहले से था विरोध
DPL के इस सीजन के नियमों के मुताबिक, आठों फ्रेंचाइजी नीलामी से बाहर अपनी पसंद के तीन खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर सकती थीं. इसके लिए खिलाड़ी का DDCA लीग में कम से कम पांच मैच खेलना जरूरी था. हालांकि DDCA एपेक्स काउंसिल के कुछ सदस्यों ने इस नियम का विरोध किया था.
वकील श्याम शर्मा, मंजीत सिंह, हरीश सिंगला और शिखा कुमार ने आशंका जताई थी कि इस व्यवस्था से ऐसे खिलाड़ियों को भी DPL में जगह मिल सकती है, जो इसके योग्य नहीं हैं. श्याम शर्मा ने PTI से कहा कि उन्होंने शुरुआत में ही इस नियम के खिलाफ आवाज उठाई थी.
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अब राजकुमार शर्मा पर भी सवाल
देव चौधरी के चयन ने टीम के कोच राजकुमार शर्मा को भी सवालों के घेरे में ला दिया है. राजकुमार शर्मा भारतीय स्टार विराट कोहली के बचपन के कोच रहे हैं और टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. उनके साथ बंटू सिंह सहायक कोच हैं.
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, देव दिल्ली लीग में स्पोर्टिंग क्लब की ओर से खेल चुके हैं, लेकिन उनके प्रदर्शन को लेकर कोई खास उपलब्धि नहीं रही. क्लब से जुड़े एक सूत्र ने दावा किया कि पूर्व भारतीय अंडर-19 और दिल्ली के तेज गेंदबाज प्रदीप सांगवान ने देव की सिफारिश की थी. सूत्र के मुताबिक, देव ने क्लब के लिए दो मैच खेले थे, जिसके बाद उनके पिता को दोबारा उन्हें नहीं भेजने की सलाह दी गई थी.
DDCA करेगा नियम की समीक्षा
विवाद बढ़ने के बाद DDCA अब नीलामी के बाद स्थानीय खिलाड़ियों को चुनने वाले नियम की समीक्षा करने की तैयारी में है. DPL में इस तरह के विवाद ने लीग की चयन प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. खासकर तब, जब टूर्नामेंट में IPL स्काउट्स भी युवा खिलाड़ियों की तलाश में मौजूद रहते हैं.
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